मशहूर उद्योगपति तथा पद्मभूषण राहुल बजाज (83) का शनिवार दोपहर ढाई बजे पुणे के रूबी हॉल अस्पताल में मल्टी आर्गन फेल्योर की वजह से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर पुणे स्थित उनके आवास पर रखा जाएगा। रविवार को शाम 4 बजे पुणे में ही वैकुंठ धाम श्मशान भूमि में राहुल बजाज का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राहुल बजाज का जन्म 19 जून 1938 को हुआ था। उन्होंने अर्थशास्त्र और कानून में स्नातक डिग्री हासिल की थी। बजाज उद्योग समूह के वाहन उद्योग को जन-जन तक पहुंचाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा । पिछले 5 दशक के उनके मेहनत व प्रयास की वजह से ही 'हमारा बजाज' लोगों की आवाज बन गया था। राहुल बजाज 1959-60 व 1999-2000 में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन (सीआईआई) के अध्यक्ष बने थे। वर्ष 2001 में भारत सरकार ने पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने शनिवार को बजाज समूह के अध्यक्ष राहुल बजाज के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये कहा कि उनके निधन से उद्योग जगत में एक खालीपन आ गया है। राष्ट्रपति कोविन्द ने ट्वीट संदेश में कहा, “राहुल बजाज के निधन का समाचार पाकर दुख हुआ। भारतीय उद्योग के अगुआ इसकी प्राथमिकताओं के बारे में भावुक थे। उनके करियर ने देश के कॉर्पोरेट क्षेत्र के उदय और जन्मजात ताकत को दर्शाया। उनके निधन से उद्योग जगत में एक खालीपन आ गया है। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुये कहा कि वाणिज्य और उद्योग जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “राहुल बजाज को वाणिज्य और उद्योग जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए याद किया जाएगा। व्यवसाय से परे, वह सामुदायिक सेवा के प्रति उत्साही थे और एक महान संवादी थे। उनके निधन से आहत हूं। उनके परिवार तथा मित्रों के लिए संवेदनाएं।”
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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