पंजाब के चुनावी घमासान के बीच सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर एक घमासान चल रहा है। सीएम के पद पाने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी दोनों आमने-सामने हैं।
दरअसल पंजाब में कांग्रेस रविवार को सीएम का चेहरा घोषित करेगी। इससे पहले ही सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नवजोत सिद्धू ने कहा कि जिसे मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाएगा उसी की जिम्मेदारी 60 विधायकों को जिताने की होगी। केवल घोषणा से कोई सीएम नहीं बन जाता। जिसमें विधायक जिताने की क्षमता होगी वही असल सीएम होगा।
सिद्धू ने आगे चन्नी का नाम लिए बगैर कहा कि क्या माफिया का हिस्सेदार व्यक्ति माफिया पर नकेल कसेगा। उनका मॉडल चोरों को घर बैठाने वाला है। वह पंजाब वासियों के सामने इस मॉडल को पेश कर चुके हैं। पंजाब की जनता तय करेगी कि इस मॉडल को कौन लागू करेगा। जिसे सीएम का चेहरा घोषित किया जाएगा वहीं 60 विधायक जिताकर लाएगा।
अमृतसर में सिद्धू ने कहा कि मैं कभी सत्ता के पुजारी नहीं रहा। मैंने सत्ता को ठुकराकर 15 साल से पंजाब वासियों के हितों की लड़ाई लड़ी है। कांग्रेस में इसीलिए आया था कि यहां पंजाब में रहकर पंजाब वासियों के हितों को मजबूत कर सकूं। मेरा मॉडल तीस साल की बेहाली को तीन साल के भीतर खुशहाली में बदलने वाला है।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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