खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय खुफिया एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साल 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट का मोस्ट वांटेड आरोपी यूएई में अरेस्ट हो गया है। इस आतंकी का नाम अबू बकर अब्दुल गफूर शेख है और उसने पाकिस्तान अधिक्रांत कश्मीर में विस्फोटकों की ट्र्रेनिंग ली है। वह दाऊद इब्राहिम के दुबई स्थित घर पर रहकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा था। मुंबई ब्लास्ट में 257 लोग मारे गए थे और 713 लोग घायल हो गए थे।
29 सालों से भारत को दे रहा था चकमा
अबू बकर लंबे समय से देश की एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। बताया गया है कि अबू बकर का जल्द ही भारत प्रत्यर्पण किया जाएगा। लगभग 29 वर्षों से वांटेड अबू बकर संयुक्त अरब अमीरात से वापस लाए जाने के बाद भारत में कानून का सामना करेगा।
1997 में जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस
अबू बकर का नाम मोहम्मद और मुस्तफा दोसा के साथ तस्करी के मामलों में भी जुड़ा है। ये दोनों दाऊद इब्राहिम के खास थे। वह खाड़ी देशों से सोना, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी करके मुंबई और आसपास के इलाकों में लाता था। 1997 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और तब से उसे पकड़ने की तलाश जारी थी जो अब संयुक्त अरब अमीरात के सूत्रों के अनुसार सफल रही है। अबू बकर ने एक ईरानी नागरिक से शादी की है जो उसकी दूसरी पत्नी है।
मुंबई ब्लास्ट ने हिला दिया था देश
12 मार्च 1993 को हुए मुंबई ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस दिन कुल 12 धमाकों में पहला धमाका बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की इमारत के बाहर हुआ था। उस समय उस इमारत में 2000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इमारत के लोग कुछ समझ पाते इसके 45 मिनट बाद दूसरा धमाका हुआ। इस बार ये धमाका स्टॉक एक्सचेंज से कुछ ही दूर एयर इंडिया की इमारत की पार्किंग में हुआ था। धमाके के बाद चारों तरफ लाशों का अंबार लग गया। इसके बाद मुंबई के अलग-अलग हिस्सों 10 और धमाके हुए।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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