राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे में सभी दल डोर टू डोर सम्पर्क साधने में जुटे हुए है। इसी कड़ी में कांग्रेस के लिए डोर टू डोर संपर्क करने निकले पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को एक अजीबो-गरीब स्थिति का सामना करना पड़ा। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
दरअसल शुक्रवार की दोपहर तकरीबन 3.35 बजे सिद्धू अमृतसर के तिलक नगर की एक गली में डोर टू डोर प्रचार करने के लिए पहुंचे थे। गलियों के तंग होने की वजह से सिद्धू की गाड़ियों का काफिला आगे नहीं जा सका जिसके कारण सिद्धू पैदल ही आगे निकल गए और वहां एक कांग्रेसी कार्यकर्ता के घर पहुंचे। यहां उनकी बैठक होनी थी। सिद्धू के पहुंचने के बाद उनके समर्थक काफी देर तक कांग्रेस कार्यकर्ता का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इससे नाराज सिद्धू बिना किसी से मिले ही वहां से निकल गए।
क्रोध इतना की महिलाओं से भी नहीं की बात
सिद्धू वहां पहुंचे, दो सेकंड के लिए रुके और आगे निकल गए। आगे जाकर मौजूद समर्थकों ने वहां खड़ी दो महिलाएं से मिलने की बात कही, तो सिद्धू ने कहा कि छोड़ो और आगे चले गए। इस संबंध में साथ मौजूद पार्षद मोती भाटिया ने कहा कि वहां कोई इवेंट नहीं था। जबकि उनका एक समर्थक उन्हें वहां ले गया था।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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