योगी सरकार में  युवाओं को रोजगार के मिले नए अवसर

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लखनऊ ब्यूरो
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2007 से मार्च 2017 तक महज 1 लाख 90 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली. जबकि वर्ष  2017 के बाद 5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई. 3 लाख 50 हजार युवाओं को संविदा पर सरकारी नौकरी दी गई.

योगी सरकार ने युवाओं के लिए एक करोड़ टेबलेट और स्मार्टफोन, आवंटित करके युवा कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया. सपा सरकार ने कथित तौर पर  लगभग 15 लाख लैपटॉप खरीदे लेकिन खरीदे गए लैपटॉप में से केवल छह लाख वितरित किए गए. वर्ष 2017 में दायर एक आरटीआई के अनुसार, शेष नौ लाख लैपटॉप की स्थिति के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वर्ष  2016 में सपा के कार्यकाल के दौरान बेरोजगारी दर 17.6 प्रतिशत थी जबकि बीजेपी के कार्यकाल में बेरोजगारी दर सबसे निचले स्तर पर दर्ज की गई. वर्ष  2022 के जनवरी माह में बेरोजगारी 3 प्रतिशत है.

योगी सरकार के कार्यकाल में

1.61 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया गया
60 लाख युवाओं को वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त कर स्‍वरोजगार
1 करोड़ 78 लाख छात्रों को 13,618 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति दिया.
2022 वर्ष के जनवरी माह में सबसे निचले स्तर पर 3% बेरोजगारी दर दर्ज की गई.

अखिलेश यादव की सरकार के अंतर्गत सभी एमएसएमई में कार्यरत मजदूर बेहद उपेक्षित महसूस करता था क्योंकि लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का हल नहीं किया गया था. योगी सरकार के कार्यकाल में 1.61 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया गया. 60 लाख युवाओं ने उपलब्ध कराए गए वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त कर स्‍वरोजगार का सपना पूरा किया. सपा  सरकार में छात्रवृत्ति में कई प्रकार आरोप लगे जबकि योगी सरकार ने पारदर्शी तरीके से  1 करोड़ 78 लाख छात्रों को 13,618 करोड़ रुपए की माध्‍यमिक व उच्‍च माध्‍यमिक छात्रवृत्ति दिया. 

 

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