मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम अब नर्मदापुरम होगा। वहीं, कवि माखनलाल चतुर्वेदी की जन्मस्थली बाबई अब माखन नगर के नाम से जानी जाएगी। राज्य सरकार ने इन दोनों ही जगहों का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे मंजूरी दे दी गई है।
यह जानकारी मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्वीट में माखनलाल चतुर्वेदी की प्रसिद्द कविता पुष्प की अभिलाषा की चार लाइन लिखकर माखनलाल चतुर्वेदी की जन्म स्थली बाबई का नाम बालने के आग्रह को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है।
पवित्र नर्मदातट पर बसे होशंगाबाद शहर को अब मध्यप्रदेश की प्राणदायिनी मैया नर्मदा की जयंती के शुभ दिन से 'नर्मदापुरम' कहा जायेगा। पूर्व में ही संभाग का नाम नर्मदापुरम किया जा चुका है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 3, 2022
सीएम शिवराज ने होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम रखने के आग्रह को स्वीकार करने के लिए भी केंद्र सरकार का आभार जताया है। सीएम शिवराज ने ट्वीट के माध्यम से घोषणा कर बताया नर्मदा जयंती पर परिवर्तित हो जाएगा नाम
होशंगाबाद को 'नर्मदापुरम' और बाबई को 'माखन नगर' करने का प्रस्ताव मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।
जन आकांक्षाओं के अनुरूप इस सुखद निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी और केंद्र सरकार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 3, 2022
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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