आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक नाबालिग लड़की की आत्महत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि 50 साल के टीडीपी नेता विनोद जैन के उत्पीड़न के बाद नाबालिग ने ऐसा कदम उठाया है। 14 साल की पीड़ित लड़की 10वीं क्लास की छात्रा थी और उसने आत्महत्या करने से पहले तीन पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने लिखा है कि कैसे विनोद जैन उसका कथित रूप से यौन उत्पीड़न कर रहा था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, उस पर POCSO एक्ट व कथित तौर पर उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का भी मामला दर्ज किया गया है। पश्चिम जोन के एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) के हनुमंता राव ने मीडिया से कहा कि बच्ची ने अपने सुसाइड नोट में विनोद जैन द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने के चलते यह कदम उठाने की बात लिखी है। विनोद जैन फिलहाल फरार चल रहा है। राव ने कहा कि हम आरोपी विनोद जैन की तलाश कर रहे हैं। उसने हाल ही में हुए चुनाव में 37वें वार्ड से पार्षद के रूप में चुनाव लड़ा था।
लड़की के दादा ने मीडिया को बताया कि 29 जनवरी की सुबह से वह परेशान दिख रही थी लेकिन पूछने पर उसने कुछ नहीं कहा। उन्होंने बताया कि जब वह और उसकी बेटी शाम की सैर के लिए जा रहे थे, तो लड़की उनके पास आई और अपनी मां को गले लगाकर 'आई लव यू' कहने लगी। वह जब सैर से वापस आए तो उनको यह जानकर धक्का लगा कि लड़की ने आत्महत्या कर ली है।
इस बीच, आंध्र प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष वासिरेड्डी पद्मा ने कहा कि सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे कि अपराधी को कड़ी सजा मिले।
प्रदेश के राजस्व मंत्री वेल्लमपल्ली श्रीनिवास ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि टीडीपी नेता विनोद जैन ने नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा, "लड़की को जिस तरह से प्रताड़ित किया गया वह वाकई चौंकाने वाला है। लड़की ने सुसाइड नोट में जो लिखा है, हम उसे बोल भी नहीं सकते।" उन्होंने नाबालिग के परिजनों को आश्वासन किया कि जैन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।
इस मामले के मीडिया में सामने आने के बाद टीडीपी नेतृत्व ने विनोद जैन को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाते हुए निलंबित कर दिया।
शिवम् दीक्षित एक अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत मनसुख टाइम्स (साप्ताहिक समाचार पत्र) से की। इसके बाद वे संचार टाइम्स, समाचार प्लस, दैनिक निवाण टाइम्स, और दैनिक हिंट में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया, जिसमें रिपोर्टिंग, डिजिटल संपादन और सोशल मीडिया प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, जहां इंडियाज़ पेपर परियोजना का नेतृत्व करते हुए 500 वेबसाइटों का प्रबंधन किया और इस परियोजना को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
वर्तमान में, शिवम् राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं।
शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं।
उनकी उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी अंसार खान की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। यह सम्मान 8 मई, 2023 को दिल्ली में इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र (IVSK) द्वारा आयोजित समारोह में दिया गया, जिसमें केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल, RSS के सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र जी, और उदय महुरकर जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिवम् की लेखन शैली प्रभावशाली और पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाली है, और वे डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहे हैं। उनकी यात्रा भड़ास4मीडिया, लाइव हिन्दुस्तान, एनडीटीवी, और सामाचार4मीडिया जैसे मंचों पर चर्चा का विषय रही है, जो उनकी पत्रकारिता और डिजिटल रणनीति के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
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