मजार की आड़ में ‘जमीन जिहाद’
September 14, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

मजार की आड़ में ‘जमीन जिहाद’

दिल्ली में ‘जमीन जिहाद’ मिलेनियम पार्क से निकलकर महरौली के संजय वन तक पहुंच गया है। लॉकडाउन के दौरान संजय वन में अनेक नई मजारें बन गई हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार की शह पर दिल्ली वक्फ बोर्ड फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपए की जमीन पर कब्जा कर रहा है

Written byअरुण कुमार सिंहअरुण कुमार सिंह
Jun 7, 2020, 03:04 pm IST
inभारत, दिल्ली
संजय वन के अंदर ‘लॉकडाउन’ के दौरान बनी एक मजार

संजय वन के अंदर ‘लॉकडाउन’ के दौरान बनी एक मजार

इस विशाल वन पर बरसों से कट्टरवादी तत्वों की नजर रही है। इन तत्वों ने ‘लॉकडाउन’ को अपने लिए सुनहरा अवसर माना और इस दौरान इन लोगों ने इस वन के अंदर अनेक स्थानों पर मजारें बना दी हैं।

इस चेतावनी बोर्ड के बावजूद वन क्षेत्र में मस्जिद और मदरसे बन रहे हैं

‘‘2018 के बाद से इस वन में कोई नया निर्माण नहीं हुआ है। हां, ‘लॉकडाउन’ के दौरान इतना जरूर हुआ है कि एक मुसलमान ने एक कब्र के आसपास कुछ पत्थरों को हरे रंग से रंग दिया था। वह काफी दिनों से इस वन में आता रहा है। उसकी शिकायत 26 मई को महरौली थाने में की गई है। पुलिस से निवेदन गया है कि उस मुसलमान को वन में न आने दें और यदि आए तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करें।’’ सोनू वर्मा यह भी कहते हैं, ‘‘डीडीए संजय वन के अंदर एक ईंट भी किसी को नहीं लगाने देगा, किसी बड़े निर्माण का तो सवाल ही नहीं है। लेकिन वन के अंदर पहले से जो कुछ भी बना (मस्जिद, मदरसा, मजार) है, उस पर डीडीए कुछ नहीं कर सकता है।’’

पूरा भारत लॉकडाउन के कारण बंद है, ऐसे में कुछ कट्टरवादी देश के अनेक हिस्सों में ‘जमीन जिहाद’ यानी जमीन कब्जाने में लगे हैं। दिल्ली में जमीन जिहाद की जो नई घटना सामने आई है, वह एक गहरे षड्यंत्र की ओर इशारा करती है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण दिल्ली में लगभग 500 एकड़ में फैला हुआ है संजय वन। इस वन की सीमाएं हौजखास, छतरपुर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), महरौली जैसी कॉलोनियों से लगी हुई हैं। इस विशाल वन पर बरसों से कट्टरवादी तत्वों की नजर रही है। इन तत्वों ने ‘लॉकडाउन’ को अपने लिए सुनहरा अवसर माना और इस दौरान इन लोगों ने इस वन के अंदर अनेक स्थानों पर मजारें बना दी हैं।

इसका खुलासा मई के प्रथम सप्ताह में उस समय हुआ, जब एक स्थानीय युवा किसी कारणवश वन में गया। वहां वह मजारों को देखकर दंग रह गया। उसने उन मजारों पर एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया में ‘वायरल’ कर दिया। वीडियो में वह कह रहा है, ‘‘मैं लालकोट की दीवार पर हूं। यहां से एक नवनिर्मित मजार साफ दिखाई दे रही है। इसके साथ ही दो कमरे भी दिखाई दे रहे हैं। मार्च के अंतिम दिनों तक इस जगह पर कुछ भी नहीं बना था।

ये सब चीजें ‘लॉकडाउन’ के दौरान बनी हैं।’’ वह युवक यह भी कह रहा है, ‘‘वन के अंदर आते समय रास्ते में अनेक अन्य मजारें भी मिलीं, जो कुछ दिनों में ही बनी हैं। उन पर नई हरी चादरें डली हुई हैं।’’ लेकिन इस वन की देखरेख करने वाली संस्था दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) किसी नए निर्माण से मना कर रही है। डीडीए में ‘सेक्शन आफिसर’ और इस वन के प्रभारी सोनू वर्मा कहते हैं, ‘‘2018 के बाद से इस वन में कोई नया निर्माण नहीं हुआ है। हां, ‘लॉकडाउन’ के दौरान इतना जरूर हुआ है कि एक मुसलमान ने एक कब्र के आसपास कुछ पत्थरों को हरे रंग से रंग दिया था। वह काफी दिनों से इस वन में आता रहा है। उसकी शिकायत 26 मई को महरौली थाने में की गई है। पुलिस से निवेदन गया है कि उस मुसलमान को वन में न आने दें और यदि आए तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करें।’’ सोनू वर्मा यह भी कहते हैं, ‘‘डीडीए संजय वन के अंदर एक ईंट भी किसी को नहीं लगाने देगा, किसी बड़े निर्माण का तो सवाल ही नहीं है। लेकिन वन के अंदर पहले से जो कुछ भी बना (मस्जिद, मदरसा, मजार) है, उस पर डीडीए कुछ नहीं कर सकता है।’’

भले ही डीडीए कुछ भी कहे, लेकिन महरौली के स्थानीय लोग मानते हैं कि संजय वन जमीन जिहाद का शिकार हो चुका है। लोगों ने यह भी कहा कि जिस मुसलमान व्यक्ति की पुलिस से शिकायत की गई है, वह केवल एक मोहरा है। उसके पीछे जमीन जिहाद करने वाले तत्व डटकर खड़े हैं और इनकी संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

महरौली के अनेक लोगों ने बताया कि इस वन पर काफी समय से दिल्ली वक्फ बोर्ड की नजर है। चूंकि वन के अंदर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पुराने ढांचे और कब्रें हैं, वक्फ बोर्ड का कहना है कि ये सब वक्फ संपत्तियां हैं। इसलिए उसकी देखरेख में पिछले दो दशक में वन के अंदर बड़ी संख्या में मस्जिद और मदरसे बन गए हैं। विश्व हिंदू परिषद, महरौली जिले के अध्यक्ष सुनील घावरी, जो इस मामले को लेकर मुखर हैं, ने बताया, ‘‘पहले तो स्थानीय लोग वक्फ बोर्ड की मंशा को समझ नहीं पा रहे थे, जब तक लोगों को उसकी मंशा समझ में आई तब तक बोर्ड ने हजारों गज जमीन पर कब्जा कर लिया। 2013 में पहली बार लोगों ने बोर्ड की इस हरकत का विरोध करना शुरू किया। इसके बाद वक्फ बोर्ड किसी बड़ी जगह पर कब्जा नहीं कर सका है, लेकिन अभी भी वह शांत नहीं बैठा है। इसी का नतीजा है कि ‘लॉकडाउन’ के दौरान कुछ लोगों ने वन के अंदर निर्माण कार्य कर लिया।’’

सुनील घावरी के अनुसार शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली वक्फ बोर्ड की नजर इस वन पर पड़ी। उसने वन के अंदर के पुराने भवनों को वक्फ संपत्ति बताकर कब्जा शुरू कर दिया। आज भी वक्फ बोर्ड यही कर रहा है। चाहे शीला दीक्षित हों या अरविंद केजरीवाल, इन दोनों ने वक्फ बोर्ड को मनमानी करने की छूट दी।

घुसपैठियों के साथ आआपा

विधायक पवन कुमार शर्मा द्वारा उप राज्यपाल को लिखा गया पत्र

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आआपा) पूरी तरह मुस्लिम घुसपैठियों के साथ खड़ी है। आदर्श नगर के पास बांग्लादेशी घुसपैठियों की एक बस्ती है। आआपा के स्थानीय विधायक पवन कुमार शर्मा इनके विरोध में उठने वाली हर आवाज का विरोध करते हैं। यही नहीं, इन घुसपैठियों को हर तरह की सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं। वहीं दूसरी ओर वे पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों के विरोध में उप राज्यपाल को पत्र लिखते हैं। 26 मई को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि ‘मेरी विधानसभा के अंतर्गत मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पीछे खाली पड़ी जमीन पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।’ उल्लेखनीय है कि जिस जमीन की वे बात कर रहे हैं, वहां पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी रहते हैं। यानी इन्हें वे घुसपैठिए तो स्वीकार हैं, जो एक साजिश के तहत भारत लाए जा रहे हैं, पर वे हिंदू स्वीकार नहीं हैं, जो अपनी जान बचाने के लिए पाकिस्तान से भारत आ रहे हैं।

दिल्ली वक्फ बोर्ड अपनी मनमानी चलाने के लिए फर्जी कागजातों का सहारा लेता है। इसका एक उदाहरण संजय वन क्षेत्र का ही है। वन क्षेत्र में एक जैन मंदिर है। इसके पास ही एक बहुत ही पुराना और जर्जर सरकारी भवन है। 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने उस भवन को घेरने के लिए चारदीवारी बनाने का काम शुरू किया, तो स्थानीय लोगों ने उसका विरोध किया। उस समय दिल्ली वक्फ बोर्ड ने कहा कि यह भवन भारत सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दिया है। फिर भी लोगों ने चारदीवारी नहीं बनने दी। इसके बाद महरौली के लोगों ने दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से सी-1 फॉर्म के जरिए इस भवन के बारे में जानकारी मांगी। पता चला कि राजस्व विभाग के रोजनामचे में यह दर्ज है कि वह भवन दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दिया गया है, लेकिन राजस्व विभाग यह नहीं बता पाया कि किसके आदेश से वह भवन दिल्ली वक्फ बोर्ड को दिया गया है।

सुनील घावरी इसे दिल्ली वक्फ बोर्ड का जमीन घोटाला मानते हैं। वे कहते हैं कि इस तरह फर्जी कागजातों के आधार पर दिल्ली वक्फ बोर्ड अनेक सार्वजनिक और निजी संपत्ति पर कब्जा कर चुका है। इस तरह के अनेक मामले न्यायालयों में भी चल रहे हैं।
महरौली निवासी मनमोहन मल्होत्रा ने बताया कि वन के अंदर बने मदरसों में रहने वाले ज्यादातर बच्चे दिल्ली से बाहर के होते हैं। मनमोहन कहते हैं, ‘‘वोट बैंक की राजनीति करने वाले संजय वन पर कब्जा करवा रहे हैं। कुछ नेताओं का रवैया बहुत ही शर्मनाक है। वे लोग देश से बड़ा कुर्सी को मानते हैं और उस कुर्सी के लिए एक खास वर्ग को सरकारी संपत्ति पर भी कब्जा करने की छूट दे देते हैं।’’

महरौली के ही एक अन्य निवासी मयंक गुप्ता कहते हैं कि केवल संजय वन ही नहीं, बल्कि महरौली के आसपास की सभी पुरानी सरकारी इमारतों पर मुसलमानों ने कब्जा कर लिया है। इनमें मेवात, राजस्थान आदि राज्यों से लाकर लोगों को रखा जाता है।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि दिल्ली में वक्फ बोर्ड जमीन जिहाद कर रहा है। इस जिहाद को रोकने की जरूरत है, नहीं तो आने वाले दिनों में यह दिल्ली में अनेक समस्याएं पैदा करेगा।

Topics: मस्जिदI am on the wall of LalkotमजारMazarमदरसाMadrasaVishwa Hindu Parishadmosqueलॉकडाउनवायरलlockdownviralजमीन जिहादवोट बैंक की राजनीतिland jihadVote Bank Politicsविश्व हिंदू परिषदमैं लालकोट की दीवार पर हूं
अरुण कुमार सिंह
अरुण कुमार सिंह
समाचार संपादक, पाञ्चजन्य | अरुण कुमार सिंह लगभग 25 वर्ष से पत्रकारिता में हैं। वर्तमान में साप्ताहिक पाञ्चजन्य के समाचार संपादक हैं। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

शिकायत मिलने पर शिवनेरी किला परिसर में बनी दरगाह की जांच-पड़ताल करने पहुंचे भाजपा नेता किरीट सोमैया

शिवनेरी किला परिसर में बनी अवैध दरगाह, 3 दिन में करें कार्रवाई : किरीट सोमैया ने दी चेतावनी

प्रतीकात्मक तस्वीर

‘हिंदू बहन-बेटियों पर बुरी नजर रखते हैं जिहादी’, VHP ने गरबा के लिए तय किए दिशा-निर्देश, हिंदू परंपरा का करना होगा पालन

ऑल इंडिया कोऑर्डिनेशन मीटिंग शुरू

विशाखापट्टनम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक शुरू, 21 अगस्त तक चलेगी

Terrorism

पूर्णिया का जफर निकला जैश ए मोहम्मद का आतंकी, मदरसे में मसूद अजहर के बारे में पढ़ा; जिहाद के नाम पर की फंडिंग

कलकत्ता हाईकोर्ट

‘मदरसों में वंदे मातरम् गाने से आसमान नहीं टूट पड़ेगा’: ईसाई स्कूलों का हवाला देते हुए कलकत्ता HC ने की सख्त टिप्पणी

सरला भट्ट

जम्मू-कश्मीर : अब मिलेगा सरला भट्ट को न्याय

Load More

ताज़ा समाचार

आरोपी फरमान को पुलिस ने किया गिरफ्तार

देहरादून : हलाला का मामला आया सामने, महिला का उत्पीड़न कर तीन तलाक देने वाले फरमान को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मदरसा (प्रतीकात्मक चित्र)

बंगाल में 2396 अवैध मदरसों की पहचान, 252 को बंद करने का आदेश, सरकार की बड़ी कार्रवाई

आज का श्लोक : वाक्ताडनं प्रमत्तस्य परीवादं रिपोरपि।

t20 match first time vande mataram

भारतीय क्रिकेट में ऐतिहासिक अध्याय: भारत-अफगानिस्तान टी20 मैच में पहली बार राष्ट्रगान के साथ गाया गया ‘वंदे मातरम्’

दुनिया ताकतवर को देखती है: गोटन में RSS सरसंघचालक जी ने कहा- ‘व्यक्ति से लेकर राष्ट्र तक सामर्थ्य अनिवार्य है’

महराजगंज में RSS शताब्दी वर्ष पर भव्य युवा संवाद : दीपक विस्पुते जी ने युवाओं को दिया ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश

AP Aboobacker Fatwa Muslim Women Samastha Kerala Jam Eyyathul Ulama Panchjanya

“फतवा वापस नहीं होगा”: मुस्लिम महिलाओं पर दिए बयान पर कायम AP अबूबकर, जानिए जमीयतुल उलमा का बड़ा दावा!

वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा जी और गुजरात मुख्यमंत्री के प्रमुख सलाहकार एवं GMDC के अध्यक्ष डॉ. हसमुख अधिया जी

Sabarmati Samvad 2026: “गुजरात कैसे बनेगा भारत का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन? डॉ. हसमुख अधिया जी ने बताई 2047 की पूरी रणनीति”

दुनिया डगमगाई, भारत संभला

Role of Spiritual Leaders in Nation Building Hindu Resurgence Panchjanya

राष्ट्र निर्माण और हिंदू पुनरुत्थान में आध्यात्मिक गुरुओं की भूमिका: जानिए कैसे मिलेगा ‘परम वैभव’!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies