बाल चौपाल-बोध कथा- परोपकार का फल
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बाल चौपाल-बोध कथा- परोपकार का फल

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Mar 22, 2018, 12:00 am IST
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दिंनाक: 22 Mar 2018 12:12:12

एक बार भगवान कृष्ण और अर्जुन घूमने निकले। रास्ते में उन्होंने एक गरीब ब्राह्मण को भिक्षा मांगते हुए देखा। अर्जुन को ब्राह्मण पर दया आ गई और उन्होंने स्वर्ण मुद्राओं से भरी एक थैली उसे दे दी। स्वर्ण मुद्राएं पाकर ब्राह्मण बहुत खुश हुआ और घर की ओर चल पड़ा। लेकिन दुर्भाग्य से रास्ते में एक लुटेरे ने उससे थैली छीन ली। दुखी ब्राह्मण फिर से भिक्षा मांगने लगा। अगले दिन जब अर्जुन ने उसे भिक्षा मांगते हुए देखा तो कारण पूछा। ब्राह्मण ने आपबीती सुना दी। उसकी व्यथा सुनकर अर्जुन को दया आ गई और उन्होंने इस बार ब्राह्मण को एक बेशकीमती माणिक दिया ताकि उसकी दरिद्रता दूर हो जाए।
ब्राह्मण माणिक लेकर घर पंहुचा। घर में एक पुराना घड़ा था जिसे बहुत समय से प्रयोग नहीं किया गया था। माणिक चोरी न हो जाए, इस डर से ब्राह्मण ने उसे घड़े में छिपा दिया और सो गया। इसी बीच, ब्राह्मण की पत्नी पानी लेने नदी पर गई, लेकिन पानी भरते समय घड़ा पत्थर से टकरा कर टूट गया। उसने सोचा कि घर में पुराना घड़ा है ही, उसी में पानी भर लेती हूं। सो ब्राह्मणी घर आई और पुराना घड़ा लेकर नदी से पानी लाने चली गई। उसने पानी भरने के लिए घड़े को नदी में डुबोया तो उसके अंदर रखा माणिक जल धारा के साथ बह गया। इधर, ब्राह्मण की नींद खुली तो उसने देखा कि पुराना घड़ा नहीं है। उसने पत्नी से पूछा तो पता चला कि उसमें तो पानी रखा है। उसे मालूम ही नहीं था कि घड़े में माणिक है। लिहाजा अपने भाग्य को कोसता हुआ ब्राह्मण पुन: भिक्षावृत्ति में लग गया।
अर्जुन और भगवान कृष्ण ने जब फिर से ब्राह्मण को दरिद्र अवस्था में देखा तो उसके पास जाकर कारण पूछा। पूरी कहानी सुनकर अर्जुन को बड़ी हताशा हुई और मन ही मन यह सोचने लगे, ‘इस अभागे के जीवन में कभी सुख नहीं आ सकता।’ अर्जुन की मन:स्थिति भांप कर भगवान कृष्ण ने ब्राह्मण को दो पैसे दान दिए। तब अर्जुन ने उनसे पूछा, ‘‘प्रभु! मेरी दी हुई स्वर्ण मुद्राएं और माणिक भी जब इस अभागे की दरिद्रता नहीं मिटा सके तो इन दो पैसों से इसका क्या होगा?’’ यह सुनकर श्रीकृष्ण मुस्कुराए और अर्जुन से ब्राह्मण के पीछे जाने को कहा। ब्राह्मण रास्ते भर यह सोचता हुआ जा रहा था कि ‘‘दो पैसे से तो एक व्यक्ति का भोजन भी नहीं आएगा। फिर प्रभु ने इतना तुच्छ दान क्यों दिया?’’
वह ऐसा विचार करता हुआ चला जा रहा था, उसकी निगाह एक मछुआरे पर पड़ी। उसने देखा कि मछुआरे के जाल में एक मछली फंसी हुई है और आजाद होने के लिए तड़प रही है। ब्राह्मण को उस मछली पर दया आ गई। उसने सोचा, ‘‘इन दो पैसों से तो एक व्यक्ति की भी भूख खत्म नहीं होगी। क्यों न इस मछली के प्राण ही बचा लिए जाएं?’’ यह सोचकर उसने मछुआरे से दो पैसों में मछली का सौदा कर लिया और मछली को अपने कमंडल में डाला, फिर उसमें पानी भरकर मछली को छोड़ने के लिए नदी की ओर चल पड़ा। उसी समय मछली के मुंह से कुछ निकला। ब्राह्मण ने देखा कि यह वही माणिक था जिसे उसने घड़े में छिपा कर रखा था। माणिक पाकर ब्राह्मण खुशी से चिल्लाने लगा- ‘‘मिल गया! मिल गया!!’’ उसी समय वह लुटेरा भी उधर से गुजर रहा था, जिसने ब्राह्मण की स्वर्ण मुद्राओं वाली थैली लूट ली थी। जब उसने ब्राह्मण को ‘मिल गया, मिल गया’ चिल्लाते हुए सुना तो डर गया। उसने सोचा कि ब्राह्मण उसे पहचान गया है, इसीलिए शोर मचा रहा है। अब वह राजदरबार में उसकी शिकायत करेगा। डर के मार वह ब्राह्मण के सामने आया और रोते हुए क्षमा मांगने लगा। साथ ही, थैली भी उसे लौटा दी। यह देखकर श्रीकृष्ण से अर्जुन बोले- ‘‘प्रभु! यह कैसी लीला है? जो कार्य थैली भर स्वर्ण मुद्राएं और बेशकीमती माणिक नहीं कर सका, आपके दो पैसों ने वह कर दिया।’’ 
श्रीकृष्ण बोले- ‘‘अर्जुन, यह सोच का अंतर है। जब तुमने ब्राह्मण को स्वर्ण मुद्राओं की थैली और माणिक दिया, तब उसने केवल अपने सुख के बारे में सोचा। लेकिन मेरे दिए दो पैसों से उसने दूसरे के दु:ख के विषय में सोचा। इसलिए सत्य यह है कि जब आप दूसरों के दु:ख के विषय में सोचते हैं, दूसरों का भला कर रहे होते हैं, तब आप ईश्वर का कार्य कर रहे होते हैं और उस समय ईश्वर आपके साथ होते हैं।’’  

 

Quest 3                    Ans-2

 

 

 

 

बूझो तो जानें
1.     काला मुंह लाल शरीर,
    कागज को वह खाता
    रोज शाम को पेट फाड़कर
    कोई उन्हें ले जाता।
2.     अ और इ में क्या अंतर है?
3.     मैं हरी, मेरे बच्चे काले,
    मुझको छोड़, मेरे बच्चे      खा ले।
4.     एक रूमाल के चार कोने     हैं। उनमें से अगर दो   कोनों को काट दिया जाए  तो कितने कोने बचेंगे?
5.     काला हंडा, उजला भात
ले लो भाई हाथों-हाथ।

पिछले अंक के जवाब-
1.     खीरा
2.     प्यास
3. टाइपराइटर
4. दातुन
5. चींटी

क्या आप जानते हैं?
1. आंध्र प्रदेश की गोंड जनजाति का प्रसिद्ध नृत्य कौन-सा है?
    (क) गुसादी (ख) मोर नृत्य (ग) बिहू नृत्य
2. दक्षिण भारत से उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन किसने चलाया?
    (क) रामानंद (ख) शंकराचार्य
(ग) स्वामी विवेकानंद
3. सिख ग्रंथ ‘आदिग्रंथ’ का संकलन किसने किया था?
    (क) गुरु अर्जन देव (ख) गुरु अंगद देव (ग) गुरु तेगबहादुर
4.     तक्षशिला कहां स्थित है?
    (क) भारत (ख) पाकिस्तान
    (घ) अफगानिस्तान
5.     बौद्ध भिक्षु जहां रहते हैं, उस स्थान को किस नाम से पुकारा जाता है?

पिछले अंक
के जवाब-
1.     सुषेण
2.     रवींद्रनाथ
    ठाकुर
3.     लक्ष्मण
4.     भीष्म
5.     परीक्षित

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