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अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे

Written byArchiveArchive
Aug 2, 2014, 12:00 am IST
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समाज बांटने की जुगत में कांग्रेस

दिंनाक: 02 Aug 2014 13:06:59

अंक संदर्भ : 13 जुलाई, 2014

आवरण कथा 'खोटा है ये कोटा' से प्रतीत होता है कि कांग्रेस पार्टी सदैव से ऐसे मुद्दों को तूल देती आई है, जिनसे समाज में वैमनस्य की भावना पनपे। साथ ही वह ऐसे मुद्दों को हवा देकर सिर्फ और सिर्फ अपना राजनैतिक हित पूरा करती आई है। इसलिए जैसे ही कोई चुनाव आता है वह समाज में बांटने की राजनीति शुरू कर देती है। महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव आते ही कांग्रेस ने ऐसा ही पासा फेंका है, जिससे मुसलमानों को आरक्षण का झांसा देकर उनके वोट हथियाए जा सकें। लेकिन सवाल है कि कांग्रेस ने केन्द्र में दस साल तक राज किया लेकिन उस दौरान उसको मुसलमानों की सुध क्यों नहीं आई? क्या कांग्रेस सिर्फ मुसलमानों को वोट के रूप में इस्तेमाल करना जानती है?
-उदय कमल मिश्र, सीधी (म.प्र.)
० कांग्रेस सदैव से ही फूट डालो और राज करो की नीति को चरितार्थ करती आई है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव आते ही उसने आरक्षण की बात करके समाज में जहर घोलने का काम किया है।
-प्रमोद वालसंगकर
दिलसुख नगर (हैदराबाद)
ताक पर कानून-व्यवस्था
० उत्तर प्रदेश में आज समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव की खीझ उतारने पर लगी है। खुलेआम सपा के गुण्डे जनता को अपना शिकार बना रहे हैं। जिस प्रशासन को आमजनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है वह आज सपा के गुण्डों का साथ देता नजर आ रहा है। कानून-व्यवस्था प्रदेश में न के बराबर ही है।
-राममोहन चन्द्रवंशी
टिमरनी,जिला-हरदा(म.प्र.)
निरर्थक हंगामा
पत्रकार वेदप्रताप वैदिक को लेकर कांग्रेस द्वारा वर्तमान सरकार को घेरना बिल्कुल अनुचित है। क्योंकि इससे पहले भी कई पत्रकार आतंकवादियों,माओवादियों एवं दुर्दांत दस्यु गिरोहों से मिलते रहे हैं तथा समाचार पत्रों में उनके विस्तृत साक्षात्कार भी छपते रहे हैं। लेकिन तब कांग्रेस सरकार ने कोई सवाल खड़ा नहीं किया? दूसरी ओर केन्द्र सरकार द्वारा भी स्पष्ट किया जा चुका है कि उसका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है फिर कांग्रेस क्यों भाजपा पर झूठे आरोप मढ़ रही है?
-राम सहाय जोशी
अम्बाला छावनी (हरियाणा)
वादों को पूरा करने का समय
जब जनता रूपी शक्ति जागृत होती है तब ऐसे ही बदलावों का परचम लहराता है। इस ऐतिहासिक विजय का पूरा श्रेय देश की उस जनता को जाता है जिसने किसी भी वादे और लालचों में न पड़कर सिर्फ और सिर्फ देश और विकास को सर्वोपरि समझा। अब समय है सम्पूर्ण देश की जनता का ऋण चुकाने का। भाजपा उन सभी वादों को पूरा करे जो उसने अपने घोषणापत्र में कहे हैं। चाहे वह राम मंदिर हो,अनुच्छेद-370,समान नागरिक संहिता या गोहत्या पर कड़ा कानून। सभी वादे देश के विकास से जुड़े हैं। सरकार से आशा है कि वह इन मुद्दों पर जल्द ही निर्णय लेगी।
-देवेन्द्र सुथार, जालोर (राज.)
प्रदेश में मुगलिया सल्तनत
उत्तर प्रदेश में जब भी समाजवादी पार्टी की सरकार आती है तो प्रदेश में दंगों की बाढ़ आ जाती है। सपा दंगों को वोट बैंक के चक्कर में जानबूझकर हवा देती है। उ़.प्र. का मुजफ्फरनगर कांड व कांठ कांड ऐसे प्रकरण हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी सरकार ने मुसलमानों के आगे घुटने टेककर हिन्दू धर्म की आस्था को ठेस पहंुचायी है। मुरादाबाद जिले के कांठ के नया गांव अकबरपुर चैंदरी में स्थित 40 वर्ष पुराने शिव मंदिर पर 15 वषोंर् से लगे लाउडस्पीकर को पुलिस ने 26 जून को मुसलमानों द्वारा मन्दिर का ताला तुड़वाकर जबरदस्ती उतरवाया जो कि अति निंदनीय है। जब गांव के हिन्दू समाज ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठिया बरसाईं। ऐसा लग रहा है प्रदेश में मुगल शासन हो।
-निमित जायसवाल
रामगंगा विहार,मुरादाबाद (उ.प्र.)
वंचितों पर होता जुल्म
उ.प्र. में कुछ समय से सपा के लोगों द्वारा वंचितों को चुनचुन कर निशाना बनाया जा रहा है। प्रदेश का ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है,जहां वंचितों पर अन्याय नहीं हो रहा हो। प्रदेश में महिला उत्पीड़न का हाल यह है कि समाचार पत्रों में बलात्कार,हत्या जैसे मामलों की बाढ़ है। आए दिन किसी न किसी जिले में महिला या लड़की की अस्मिता से खेला जाता है। पर इतना सब कुछ होने के बाद भी न तो शासन और न ही प्रशासन इन घटनाओं पर कोई कड़ा कदम उठाता है। ये सभी कुछ घटनाएं बता रही हैं कि उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी से संभल नहीं रहा है।
-खुशाल सिंह कोली
फतेहपुर सीकरी (उ.प्र.)
० अखिलेश सरकार उत्तर प्रदेश के लिए 'अखिल क्लेश' बन गई है। महज ढाई साल में इस शासन के नाम 150 से ज्यादा दंगों के दाग लग गए हैं। सहारनपुर में दंगाई युवकों के तौर तरीकों से साफ हो गया है कि मुलायम सिंह के इस वाक्य 'जब सपा सरकार आती है तो मुस्लिम लड़कों के सीने चौड़े हो जाते हैं।' का क्या अर्थ है? उनके ही दो अन्य कथन-बलात्कार के मामले में लड़कों से गलती हो जाती है एवं आबादी के लिहाज से उ.प्र. में बलात्कार कम हैं। इन दोनों कथनों ने प्रदेश में अपराध को बढ़ावा दिया है,जिसका उदाहरण आज सबके सामने है।
– अजय मित्तल
खंदक, मेरठ (उ.प्र.)
बंगलादेशी घुसपैठियों को भगाओ
आज लाखों बंगलादेशी मुसलमान घुसपैठिये देश में अवैध रूप से रहे हैं। इन लाखों अवैध बंगलादेशियों के चलते हमारे अपने लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही ये लोग देश के खिलाफ हरदम षड्यंत्र रचते रहते हैं। वे जहां भी रहते हैं इनका एक ही उद्देश्य रहता है कि किसी भी प्रकार यहां के लोगों को क्षति पहुंचाना। सरकार से मेरा आग्रह है कि इन बंगलादेशी मुसलमानों को तत्काल देश से बाहर निकाला जाये क्योंकि यह हमारे देश के लिए एक नासूूर की तरह है। इनके रहते देश में सुख-शान्ति नहीं आ सकती।
-शिव शंकर पाठक
बाबू लेन(कोलकाता)
सनातन धर्म ही विकल्प
जिस प्रकार आज सम्पूर्ण विश्व में मार-काट की स्थिति व्याप्त है। ऐसे में सिर्फ एक ही धर्म सनातन सब चीजों का विकल्प हो सकता है। यह पूर्णरूप से कहा जा सकता है कि जब तक संसार में सनातन धर्म के अनुसार चला जा रहा था,तब तक विश्व में शान्ति,अहिंसा और सद्भाव बना रहा। साथ ही भारत में भी इसी संस्कृति और धर्म के चलते वह विश्वगुरू और सोने की चिडि़या तक बना। लेकिन जैसे ही षड्यंत्रपूर्वक इसे कमजोर किया गया उसका परिणाम यह हुआ कि राज्यों का विघटन हो गया। ईसाई और मुसलमानों ने अपनी संस्कृति को फैलाना प्रारम्भ किया। सनातन धर्म का जैसे-जैसे लोप हुआ भारत में अन्ैतिक कार्यों की बाढ़ सी आ गई। आज इसी का परिणाम हमारी आंखों के सामने है।
-डॉ. रवीन्द्र उपाध्याय
महेशनगर(राज.)
पाञ्चजन्य को बधाई
पाञ्चजन्य ने देश विरोधी एनजीओ की हकीकतों को पाठकों के समक्ष लाया है,उसके लिए वह बधाई के पात्र हंै। आज ऐसे एनजीओ देश को लूटने का काम तो कर ही रहे हैं बल्कि देश की भोलीभाली जनता को बरगलाने का भी प्रयास करते हैं।
-किशोरी लाल व्यास
चोपासनी गंाव,जोधपुर(राज.)
धैर्य रखो !
अभी भारतीय जनता पार्टी की सरकार को दो महीने ही बीते हैं लेकिन कुछ लोग उनकी आलोचना करने पर ऐसे उतारू हैं जैसे उनकी सरकार को सालों-साल हो गए हों। मेरा सभी को एक सुझाव है कि देश की जनता ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया है न कि कोई जादूगर,जो वह इतने कम दिनों में ही सबकुछ ठीक कर देंगे। नरेन्द्र मोदी ने देश के लोगों से 60 महीने का समय मांगा है। इसलिए सभी को चाहिए कि वह पांच साल तक धैर्य रखें।
-प्रशान्त कुमार
टिकौला (उत्तराखंड)

गोहत्या बंद हो
गाय सदियों से हमारे देश की संस्कृति और प्रगति की एक रूपरेखा बनती आई है। गाय के कारण ही भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता रहा है। हरेक प्रकार से भौतिक,आर्थिक दृष्टिकोण से गाय हमारे लिए एक वरदान के समान ही रही है। लेकिन आज गोवंश की हालत हमारे सबके सामने है। दिन-प्रतिदिन गोवंश की संख्या घटती जा रही है,जिसका एक प्रमुख कारण सिर्फ और सिर्फ गोतस्करी और गोहत्या है। सुबह उठते ही हजारों गायों की निर्मम हत्या कर दी जाती है और हमारा समाज सोता ही रहता है। ऐसा ही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब देश से गोवंश बिल्कुल समाप्त हो जायेगा। केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह तत्काल गोहत्या पर कठोर कानून बनाये ताकि देश में गोहत्या पूरी तरह बंद हो सके।
-सेतुराम अस्परी, महालक्ष्मीपुरा,बेंगलूरू (कर्नाटक)

नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस पार्टी को यह नोटिस दिए जाने पर कि कांग्रेस पार्टी को दी गई टैक्स-छूट वापस क्यों न ली जाएं? इसको कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बदले की भावना से की गई कार्यवाही बताया है। उनका यह भी कहना है कि नई सरकार राजनीतिक दुर्भावना से उनको, उनके बेटे और कांग्रेस के अन्य नेताओं को निशाना बना रही है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड प्रकरण में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और दूसरे कांग्रेस के नेताओं को बतौर अभियुक्त न्यायालय में पेश होने को कहा है। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में यह आरोप लगाया है कि एशोसियेेट जर्नल्स के अधिग्रहण के लिए कांग्रेस ने सोनिया गांधी की कंपनी यंग इण्डिया लिमिटेड को 90 करोड़ का प्रतिभूति ऋण दिया था। खैर सोनिया गांधी जो कहे अदालत ने प्रथम दृष्टया उन्हें आरोपी माना है। ऐसे में आयकर के कदम को कैसे अनुचित कहा जा सकता है? अब सोनिया भले यह खुशफहमी पालें कि इस तरह से जैसे 1980 में इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी हो गई थी, ऐसे ही उनकी भी वापसी हो जाएगी। लेकिन शायद उन्हंे पता नहीं कि तब और अब की परिस्थितियों में जमीन-आसमान का फर्क है। तब जनता पार्टी चार दलों को मिलाकर बनाई गई थी। उसके उलट आज केन्द्र में भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त है। भाजपा के अंदर औेर राजग में भी नरेन्द्र मोदी को कोई चुनौती देने वाला तो दूर आज की स्थिति में तो ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता। आज तो न्यायालय स्वत: सोनिया गांधी को अभियुक्त मान रहा है। जहां तक आयकर की कार्यवाही का सवाल है, वहां यह स्पष्ट है कि यदि कांग्रेस पार्टी इस तरह से 90 करोड़ रुपए व्यापारिक उद्देश्यों के लिए दे सकती है, तो उसे आयकर से छूट का अधिकार कैसे? सोनिया गांधी को यह पता होना चाहिए कि यह सच है कि इतिहास अपने आप को दोहराता अवश्य है पर उसमें अभी समय है। उन्हें पता होना चाहिए कि 'वह दिन हवा हुए जब पसीना भी गुलाब था।' अब सत्ता मंें वापसी के सपने न देखकर यह चिंता करनी चाहिए कि कांग्रेस का अस्तित्व कैसे बचा रहे?
-वीरेन्द्र सिंह परिहार
श्स्रं१्रँं१15@ॅें्र'.ूङ्मे

विद्रोहों का दौर

कांग्रेस में चल रहा, विद्रोहों का दौर
घिरा अंधेरा है गहन, नजर न आती भोर।
नजर न आती भोर, लिखा है दीवारों पर
टूटी कश्ती, करो सवारी मझधारों पर।
कह 'प्रशांत' ऐसे में जो भी साथ चलेगा
आज नहीं तो कल, वह निश्चित ही डूबेगा॥
-प्रशांत

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