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सपनों का सौदागर है संप्रग

Written byArchiveArchive
Sep 14, 2013, 12:00 am IST
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दिंनाक: 14 Sep 2013 15:12:32

आवरण कथा 'सच छिपाया सपना दिखायाह्ण के सन्दर्भ में यह कहना ठीक है कि प्रधानमंत्री को लिखित भाषण देने में पारंगत हासिल है। इसलिए उनका जो भी काम है सिर्फ कागजों पर है। धरातल पर वे लोगों को सिर्फ सपना दिखाते हैं। इस बार उन्होंने यही किया है। प्रधानमंत्री ने सपनों को साकार करने के लिए कभी कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री को न तो देश की चिन्ता है और न ही देशवासियों की। -रवि शर्मा मकान न-14,विष्णु विहार, ज्वाला नगररामपुर-244901(उ.प्र.) ० चीन और पाकिस्तान दिन-रात हमें धमकी दे रहे हैं और भारत सरकार उनसे बात करने के लिए झुकती जा रही है। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री को यह जरूर बताना चाहिए था कि भारत सरकार इन दोनों देशों का सामना करने के लिए क्या कदम उठा रही है? प्रधानमंत्री जिस तरह इस देश को चला रहे हैं उसे देखकर कभी-कभी बड़ी निराशा होती है। मन में यह प्रश्न घूमता रहता है कि एक संप्रभु राष्ट्र इस तरह कब तक सर उठाकर खड़ा रह पाएगा?-राममोहन चन्द्रवंशीअभिलाषा निवास,विट्ठल नगर,टिमरनी जिला-हरदा (म.प्र.)० 15 अगस्त को दिए गए भाषण में प्रधानमंत्री ने केवल कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों के नाम लिए और कहा कि इस देश को आगे ले जाने में इन प्रधानमंत्रियों का बहुत बड़ा योगदान है। इस भाषण को सुनकर लगा कि हमारे प्रधानमंत्री किसी दुराग्रह से ग्रसित हैं। इसलिए उन्होंने एक शुद्घ गैर-कांग्रेसी पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी का नाम नहीं लिया,जबकि अटल जी ने जो काम किया है वह सबके सामने है। अमरीका की धमकी की परवाह न करते हुए उन्होंने परमाणु विस्फोट किया। गांव-गांव तक मोबाइल अटल जी ने ही पहुंचाया है।  -उदय कमल मिश्र गांधी विद्यालय के समीप सीधी-486661(म.प्र.)० प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के लोगों को सब्जबाग दिखाकर विश्वासघात किया है। लोग इस सरकार से नाउम्मीद हो चुके हैं। मनमोहन सिंह अब तक के सबसे फिसड्डी प्रधानमंत्री साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री वषोंर् से कह रहे हैं कि कुछ ही दिनों में महंगाई खत्म हो जाएगी,पर महंगाई दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। लोगों का घरेलू बजट बिगड़ चुका है और प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि देश बड़ी उन्नति कर रहा है। -निमित्त जायसवाल ग-39,ई डब्ल्यू एस,रामगंगा विहार, फेस प्रथममुरादाबाद-244001(उ.प्र.)    दुनिया के हिन्दू एक होंकिश्तवाड़ दंगे पर  आधारित रपट ह्यउमर की चुनावी बिसात पर किश्तवाड़ह्ण पढ़कर यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि मुस्लिम-बहुल हर क्षेत्र में हिन्दू पिट रहे हैं। हिन्दुओं को पीटते देखकर सेकुलर बड़े खुश हो रहे हैं। किश्तवाड़ में तो हिन्दुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया गया। फिर भी किसी भी सेकुलर नेता ने यह नहीं कहा कि कश्मीर में हिन्दुओं के साथ बहुत बुरा हो रहा है। हिन्दुओं की जगह यदि मुस्लिम होते तो यही नेता छाती पीट-पीट कर चिल्लाते। -विशाल कुमार शिवाजी नगर,वडा जिला-थाणे(महाराष्ट्र)० किश्तवाड़ के हालात देखकर दिल दहल जाते हैं। असंगठित होने के कारण हर जगह हिन्दू मार खा रहे हैं,अपमानित हो रहे हैं। वोट बैंक की राजनीति करने वाले नेता हिन्दुओं की इसी कमजोरी का लाभ उठा रहे हैं। हिन्दुओं में एकता न होने की वजह से ही यह देश सैकड़ों वषोंर् तक गुलाम रहा है। यह तथ्य हर हिन्दू को पता है,फिर भी हिन्दू एक नहीं हो रहे हैं। जो लोग हिन्दुओं को एक करने का प्रयास कर रहे हैं उन्हें हिन्दू विरोधी लोग तुरन्त साम्प्रदायिक कह देते हैं।      -वीरेन्द्र सिंह जरयाल 28-ए,शिवपुरी विस्तार कृष्ण नगर,दिल्ली-110051 ० किश्तवाड़ दंगे से यह बात साफ हो जाती है कि कट्टरवादी कश्मीर घाटी की तरह जम्मू क्षेत्र को भी हिन्दू-विहीन बनाना चाहते हैं। 90 के दशक में एक बहुत ही गहरी साजिश के तहत घाटी से हिन्दुओं को खदेड़ा गया था। अब कश्मीर में अंगुली में गिनने लायक हिन्दू बचे हैं। कट्टरवादियों को मुट्ठी भर हिन्दू भी बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं। इसलिए आये दिन ये लोग हिन्दुओं को निशाना बना रहे हैं। -रमेश कुमार मिश्र ग्राम-कन्दीपुर,पत्रा-कटघरमूसा जिला-अम्बेदकर नगर(उ.प्र.) ० सही लिखा गया है कि किश्तवाड़ से हिन्दुओं को भगाने के लिए ही दंगे कराए गए। वहां हिन्दुओं का कुछ भी नहीं बचा। दुकान और मकान जला दिए गए। हर चार-पांच साल बाद किश्तवाड़ में दंगे होते हैं। हर बार हिन्दुओं पर ऐसे प्रहार किये जाते हैं कि उनकी स्थिति खराब हो जाती है। इसलिए किश्तवाड़ के हिन्दू वहां से पलायन कर रहे हैं,लेकिन लाख टके का सवाल यह है कि वे कहां जाएं? कश्मीरी हिन्दुओं की हालत देखकर बड़ा दु:ख होता है। -बी.एल. सचदेवा 263,आई एन ए मार्केट नई दिल्ली-110023 ० ईद की नमाज के बाद पुलिस के सामने हिन्दुओं पर हमले किये गए। प्रश्न है कि पुलिस ने उन दंगाइयों को रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया? इससे तो यही पता चलता है कि जो हुआ राज्य सरकार के इशारे पर हुआ। इसके बावजूद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार से किसी तरह की पूछताछ नहीं की। क्या हिन्दुओं पर किया गया हमला मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं है?-सुहासिनी प्रमोद वालसंगकारद्वाराकपुरम,दिलसुख नगरहैदराबाद-60(आं.प्र.)० हिन्दू स्वभाव से सेकुलर है। वह किसी को उसके मजहब या मत के आधार पर परेशान नहीं करता है। भारत के हिन्दुओं ने दुनिया के हर उस व्यक्ति को अपनाया है जो अपने देश को छोड़कर भारत आया है,चाहे उसका मजहब कुछ भी हो। किन्तु आज कुछ लोग हिन्दुओं को साम्प्रदायिक कह रहे हैं। ऐसे लोगों की समझ पर तरस ही आता है। जो घोर साम्प्रदायिक हैं वही हिन्दुओं के लिए ऐसी बातें करते हैं। -परमानन्द रेड्डी डी-19,सेक्टर-1,देवेन्द्र नगर रायपुर-442009(छत्तीसगढ़)सास-दामाद का खेलइस रपट ह्यहुड्डा सरकार मेहरबान दामाद जी पहलवानह्ण में बड़ी ही करारी चोट की गई है।  यह बात अब किसी से छुपी हुई नहीं है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रोबर्ट वाड्रा की सम्पत्ति बढ़ाने में हरियाणा सरकार का योगदान है। यह कैसे हो सकता है कि जो व्यक्ति कभी लाखों में खेलता था वह चार-पांच साल के अन्दर अरबों में खेल रहा है। निश्चित रूप से यह पूरा मामला सास-दामाद खेल का नतीजा है। -ठाकुर सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा कंडरवासा जिला-रतलाम-457222(म.प्र.)० ह्यनाम की आंधी और जेब के गांधीह्ण बहुत ही सुन्दर लगा। वाड्रा तो घरजमाई बन कर रह रहे हैं। घरजमाई को सारे अधिकार प्राप्त होते हैं। वाड्रा यही कर रहे हैं। सास के नाम पर पैसा कूट रहे हैं। सही लिखा गया है कि ये जेब के गांधी हैं। इस खानदान को नेहरू से गांधी उपनाम कैसे मिला,यह भी एक रहस्य है। बस गांधी जी के नाम पर यह खानदान देश पर राज कर रहा है। किन्तु इस खानदान ने गांधी जी के आदशोंर् को बहुत पहले ही उतारकर फेंक दिया है। अब इस परिवार के लिए आदर्श सिर्फ यह है कि कैसे युवराज को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाना है। -हरीश कुमार कुकरेजा ग्राम व डाक-त्यूनी, जिला-देहरादून 248199(उत्तराखण्ड) उन्हें बेनकाब करो  यह रपट ह्यनाम सुना गुजरात का और लगे लाठी भांजनेह्ण बड़ी अच्छी लगी। यह बात 100 प्रतिशत सही है कि कुछ लोग गुजरात का नाम सुनते ही बकवास करने लगते हैं। वहां के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को पानी पी-पी कर कोसने लगते हैं। ये लोग यह भी नहीं देखते हैं कि किसी बात में कितनी सच्चाई है। बिना सोचे-समझे ये लोग चिल्लाने लगते हैं। इस कारण आम आदमी भ्रम में पड़ जाता है। लोगों को यह मालूम नहीं हो पाता है कि आखिर सच क्या है। इन लोगों को बेनकाब करना जरूरी है।  -ईश्वर दास नासा 316,एच बी सी,सब्जी मंडी सोनीपत-131001(हरियाणा) स्वामी से शक्ति बढ़ेगीपिछले दिनों पाञ्चजन्य में समाचार पढ़ा कि डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी भाजपा में शामिल हो गए हैं। यह भारत के लिए अच्छा है। आज भारत की जो स्थिति है उसमें राष्ट्रवादियों का इकट्ठा होना बहुत आवश्यक है। डॉ. स्वामी का भाजपा में आने से भाजपा की शक्ति ही बढ़ेगी।  स्वामी अकेले ही सोनिया-मनमोहन सरकार पर भारी पड़ते रहे हैं। अब वे भाजपा के साथ और बहुत कुछ कर सकते हैं। -लक्ष्मी चन्द गांव-बांध,डाक-भावगड़ीजिला-सोलन-173233 (हि.प्र.)निराला लेख यह लेख ह्यउन्हें भी अभिमान हैह्ण बहुत ही निराला है। रस्किन बोंड,मार्क टूली जैसे विदेशी लोग भारत में यूं रच-बस गए हैं कि मानो उनमें और भारतीयों में कोई फर्क ही नहीं रह गया है। यह जानकर बड़ी खुशी हुई कि ये विदेशी हिन्दी बोल और समझ लेते हैं। भारत के कुछ लोग विदेश में बस रहे हैं और विदेशी भारत आ रहे हैं,यह भी एक सुखद आश्चर्य है। -वि प्रकाश 837, सेक्टर-डीमन्दिर मार्ग, नई दिल्ली-110001   नैतिकता में गिरावट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन राव भागवत ने पिछले दिनों राजस्थान के एक कार्यक्रम में कहा कि भाषणों से नहीं श्रद्घा जगाने से आएगी नैतिकता। इसमें कोई दो राय नहीं है कि समाज में नैतिकता में गिरावट आ चुकी है। इस कारण अनेक तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं। मोहन जी की बातों से मैं पूरी तरह सहमत हूं। यदि बच्चों में किसी भी सन्त या देवी-देवता के प्रति श्रद्घा बढ़ाई जाय तो निश्चित रूप से नैतिकता बढ़ेगी।  -देशबंधु आर जेड-127,संतोष पार्क नई दिल्ली-110059 समाधान एक ही है पाञ्चजन्य में देश-दुनिया की समस्याओं पर बहुत कुछ पढ़ने को मिलता रहता है। मेरा मानना है कि हमारे यहां की कुछ समस्याएं इसलिए हैं कि हमने अपने पुराने आदशोंर् और विचारों को छोड़ दिया है। गांधी जी ने स्वतंत्रता आन्दोलन को प्रोत्साहन देने के लिए अखण्ड भारत,रामराज्य,पूर्ण गोरक्षा,स्वदेशी व्यवस्था आदि का आश्वासन दिया था,किन्तु कुछ भी नहीं हुआ। इसलिए समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। समाधान एक ही है शिक्षा में ही देशहित और समाजहित के बारे में बताया जाए और स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जाए । -लखन लाल गुप्ता ओम निवास,126(28), नेताजी सुभाष रोड आसनसोल (प. बंगाल) 

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