खतरे में पड़ी देश की सुरक्षाप्रस्तुति : दिल्ली ब्यूरो
August 31, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

खतरे में पड़ी देश की सुरक्षाप्रस्तुति : दिल्ली ब्यूरो

Written byArchiveArchive
Feb 23, 2013, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 23 Feb 2013 14:33:43

 

बंगाल की खाड़ी, कोको द्वीप, थाईलैण्ड, म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान में धीरे-धीरे अपनी जड़ें जमाता जा रहा चीन भारत को रणनीतिक तौर पर फंदे में घेर रहा है। गाहे-बगाहे वह उत्तराखण्ड और लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में छिपपुट घुसपैठ या अराजकता की घटनाएं करता रहा है। अरुणाचल को लेकर चीन के मंसूबे किसी से छिपे नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर में शक्सगाम घाटी और अक्साई चिन के अलावा भारत के इस पूरे प्रांत पर उसकी तिरछी नजरें हैं। हाल ही में जानकारी मिली कि लुम्बिनी में शुरू हुई चीनी परियोजना भारत की जासूसी के लिए कुमुक तैयार करने जा रही है। कुछ दिन पहले ही नेपाल सीमा पर चीनी निगरानी यंत्र लगाए गए हैं। भारत की सुरक्षा को गंभीर चुनौती की इस घड़ी में रक्षा सौदों में घोटाले दर घोटाले भारत की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। महत्वपूर्ण उपकरणों और अस्त्रों की खरीद में अब बाधाएं आ जाना स्वाभाविक है। प्रस्तुत है चीन की तरफ से मिल रही ताजा चुनौतियों और रक्षा सौदों में घोटाले तथा उनसे आई बाधा पर एक विस्तृत रिपोर्ट। -सं. प्रस्तुति : दिल्ली ब्यूरो

ड्रैगन आया पास..

आखिर वही हो रहा है, जिसका शक था। विस्तारवादी चीन के मंसूबे यूं भी कभी छिपे नहीं रहे हैं, तिस पर कयास लगाए जा रहे थे कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के बाद ड्रैगन की भारत विरोधी गतिविधियों में नई तेजी आएगी। आज पाकिस्तान और नेपाल से सटी भारत की सीमाओं पर जैसी हलचलें हैं उनसे बीजिंग की भारत को फंदे में घेरने की मंशा के नए आयामों का खुलासा होता है। जम्मू-कश्मीर से सटे पाक कब्जे वाले कश्मीर में तकरीबन 11 हजार चीनी सैनिकों की मौजूदगी और पाकिस्तान और बीजिंग की तरफ से इसे बराबर खारिज करने संबंधी जानकारियां हमने पांचजन्य में लगातार प्रकाशित की हैं। लेकिन पीओके के कई इलाकों में जिस तरह से चीनी खुफिया उपकरण, बुनियादी ढांचा खड़ा करने की आड़ में चीनी कंपनियों की बेरोकटोक आवाजाही, स्थानीय लोगों को चीनी भाषा सिखाने की मुहिम, मानवरहित विमानों से टोह लेने की सूचनाएं मिल रही हैं वे भारत की सुरक्षा एजेंसियों को खासा हैरान करने वाली हैं। इसी तरह नेपाल से सटे भारतीय रक्षा केन्द्रों की खुफियागिरी के लिए चीन ने बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाई हैं। इनमें जासूसी करके सूचनाएं इकट्ठी करने के अलावा भारतीय समाज में नफरत के बीज बोकर अस्थिरता फैलाने की चाल का भी पता चला है।

पहले बात सीमा से सटे पाकिस्तानी इलाकों में हो रही चीनी हलचल की। ग्वादर बंदरगाह चीन की देखरेख में सौंपा जा ही चुका है। पाकिस्तान के नहीं, अब वहां कामकाज बीजिंग के इशारे पर चलेगा। बंदरगाह से जुड़तीं रेल पटरियों और सड़कों का ताना-बाना बुना जाएगा। इसमें चीन के सैन्य अधिकारियों की सीधी दखल और दिशानिर्देशों से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्वादर का मोर्चा कसने के साथ ही बगल में सिंध में चीनी घुसपैठ बढ़ गई है। वहां कोयला, गैस, पेट्रोल जैसे 'प्राकृतिक संसाधनों का पता लगाने' के लिए चीनी कंपनियों को बुलाया जा रहा है। सिंध के कई जिलों, जैसे- हैदराबाद, मीरपुर खास, उमरकोट, थार पारकर, थाटा और बादिन में चीन के जासूसी यंत्रों का पता लगना 'ढांचागत विकास' का कौन सा पहलू जताता है, यह आसानी से समझा जा सकता है। ग्वादर के इलाके में भारत की गुप्तचर एजेंसियों को दूर तक नजर रखने वाले चीनी राडार लगे होने की जानकारी मिली है। सरक्रीक में चीन का जलक्षेत्र को लेकर उठाया गया बेवजह का विवाद हर भारत-चीन बातचीत में जबरन जोड़ा जाता है। भारत से सटे पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर और सिंध में चीन की खुली दखल वहां ऐसे हालात पैदा कर रही है कि जिनसे उस तरफ से भारत विरोधी पाकिस्तानी हरकतों को शह मिल रही है।

चीन ने इन इलाकों में बेतहाशा पैसा झोंका है जिसके चलते उसका पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई पर पूरा दबदबा बन चुका है। अभी सूचनाएं 11 हजार चीनी सैनिकों के वहां मौजूद होने की हैं, पर आने वाले समय में इसमें और कितना इजाफा होगा, कोई नहीं बता सकता। भारत की लाचारी है कि इसके पास हवा में जासूसी करते किसी मानवरहित विमान को भांपने लायक यंत्र ही नहीं हैं। हालांकि हल्ला मचने के बाद गृह मंत्रालय ने कहा तो है कि हवाई गुप्तचरी के लिए जरूरी तकनीकी उपकरणों की खरीद में जल्दी की जाएगी। सीमा पर चौकसी करने वाले सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल को दूर तक भांपने वाले राडार दिए जाएंगे।

नेपाल में बढ़ रहे चीनी मंसूबों के बारे में बात करें तो, पता चला है कि लुम्बिनी में चीन ने एक 300 करोड़ की परियोजना के बहाने लुम्बिनी विकास परिषद से एक ऐसा करार किया है जिसके तहत पहले पहल वहां 24 चीनी अध्ययन केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। ऐसी जानकारी है कि ये केन्द्र बड़ी तादाद में चीनी लड़के-लड़कियों को भारत की जासूसी करने के लिए एक आड़ के तौर पर काम करेंगे। इन जासूसों का काम भारत के रक्षा ठिकानों की खुफिया जानकारियां इकट्ठी करना होगा। नेपाल सीमा से सटे भारतीय जिलों से इस मंसूबे की शुरुआत की जाएगी। यह कितनी खतरनाक योजना है इसका अंदाजा इसी से लग जाता है कि भारत के गुप्तचर ब्यूरो और स्थानीय खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को इस बाबत सावधान कर दिया है। एक पत्रक भी जारी किया गया है जिसमें भावी खतरे का खाका खींचा गया है। पता चला है कि रॉ को भी इस योजना की जानकारी है। चीन नेपाल और भारत के बीच रहे ऐतिहासिक संबंधों को भी पलीता लगाने के एजेंडे पर काम कर रहा है। नेपाल में भारत विरोधी भावनाएं भड़काने के लिए वह समय-समय पर शिगूफे छोड़ता रहा है, जिनसे भारत के कारोबारियों, भारतीय उत्पादों, भारतीय फिल्मों के विरुद्ध माहौल तैयार हो। नेपाल से छपने वाली 'हिमालिनी' पत्रिका की मानें तो, नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के कई जिलों, जैसे- बहराइच, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, महाराजगंज, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर में, तो बिहार के सीमावर्ती जिलों, जैसे- कटिहार, पूर्णिया, रक्सौल, जोगबनी, मुजफ्फरपुर में चीनी जासूसों के गुपचुप घुसकर खुफिया जानकारियां इकट्ठी करने की चीनी योजना पर अमल चालू हो चुका है। नेपाल से सटे उत्तराखंड के कई इलाकों में तो चीनी षड्यंत्रों के सबूत खुलेआम दिखाई देते रहे हैं। वहां नेपाली माओवादियों का जबरन घुसकर स्थानीय लोगों से झगड़े मोल लेना, माओवादी झंडे लगा देना, अवैध मस्जिदें/दरगाहें बनवाना आदि कई एक काम हैं जिनसे इलाके की जनता में नफरत के बीज बोए जाते हैं।

भारत को फंदे में घेरने के चीनी मंसूबों से ड्रैगन के पास आते जाने की जानकारी अगर हमारी गुप्तचरी और सैन्य बलों को है तो जाहिर है केन्द्र सरकार भी इनसे अनभिज्ञ नहीं है। लेकिन क्या देश की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार मंत्रियों, अफसरों की नीम बेहोशी टूटेगी या नेहरुआई अंदाज में हम चीन को अचीन्हते रहेंगे?

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बहन को पीठ पर उठाए माता-पिता को खोज रहा बच्चा और मलबे से जिंदा निकली बच्ची।

60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची, बहन को पीठ पर उठाए घायल बच्चे का भी वीडियो आया सामने

हिमालय पर मंडराता जल प्रलय का खतरा

नेपाल बाढ़ त्रासदी और हिमालय पर मंडराता जल-प्रलय का खतरा : प्रकृति पर विजय नहीं, सह-अस्तित्व है जरूरी

BJP नेता स्मृति ईरानी बोलीं-PM मोदी के सेवा समर्पण संदेश को हर घर तक पहुंचाएं कार्यकर्ता-पदाधिकारी, 17 सितंबर से शुरुआत

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ विस्फोट

कौशांबी : अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 11 की मौत, फैक्ट्री संचालक आदिल समेत 6 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

रुद्रपुर: मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर धामी सरकार ने डाला ताला, जानिये क्या है पूरा मामला?

पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की शानदार जीत हुई है।

PU में एबीवीपी की बड़ी जीत : विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए अच्छी खबर, कांग्रेस और AAP को युवाओं ने नकारा

Load More

ताज़ा समाचार

बहन को पीठ पर उठाए माता-पिता को खोज रहा बच्चा और मलबे से जिंदा निकली बच्ची।

60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची, बहन को पीठ पर उठाए घायल बच्चे का भी वीडियो आया सामने

हिमालय पर मंडराता जल प्रलय का खतरा

नेपाल बाढ़ त्रासदी और हिमालय पर मंडराता जल-प्रलय का खतरा : प्रकृति पर विजय नहीं, सह-अस्तित्व है जरूरी

BJP नेता स्मृति ईरानी बोलीं-PM मोदी के सेवा समर्पण संदेश को हर घर तक पहुंचाएं कार्यकर्ता-पदाधिकारी, 17 सितंबर से शुरुआत

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ विस्फोट

कौशांबी : अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 11 की मौत, फैक्ट्री संचालक आदिल समेत 6 के खिलाफ एफआईआर दर्ज

रुद्रपुर: मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर धामी सरकार ने डाला ताला, जानिये क्या है पूरा मामला?

पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की शानदार जीत हुई है।

PU में एबीवीपी की बड़ी जीत : विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए अच्छी खबर, कांग्रेस और AAP को युवाओं ने नकारा

केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम, यूपी

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- बूथ स्तर पर पूरी ताकत से जुट जाएं कार्यकर्ता, विपक्ष के मंसूबों को न होने दें कामयाब

पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने लहराया परचम। अंकित बिधान ने जीता अध्यक्ष पद।

पंजाब विश्वविद्यालय में ABVP की लगातार दूसरी बार ऐतिहासिक जीत, जेन-जी ने जताया राष्ट्रवाद पर भरोसा

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भाई ने बताई बहन की तकलीफ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत लोहिया अस्पताल में कराया भर्ती

वंदे मातरम : भारत की सांस्कृतिक चेतना का अमर घोष

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies