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युवाओं पर छाई

Written byArchiveArchive
Dec 24, 2011, 12:00 am IST
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युवा उड़ान

दिंनाक: 24 Dec 2011 17:12:09

“टेबलेट कम्प्यूटर” की खुमारी

तरुण सिसोदिया

“वर्तमान पीढ़ी बहुत हद तक तकनीक पर निर्भर हो गई है”। यह कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि समाज जीवन के हर क्षेत्र में इसका धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। क्षेत्र, चाहे शिक्षा का हो, स्वास्थ्य का हो, सेवा का हो, अनुसंधान का हो या फिर कोई और हर जगह तकनीक का ही बोलबाला है। स्थिति तो यहां तक हो गई है कि बिना तकनीक की सहायता के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना मुश्किल सा लगने लगा है। क्योंकि जो काम तकनीक की सहायता से मिनटों में हो सकता है, उसे बिना तकनीक की सहायता के होने में घंटों और दिनों तक लग जाते हैं। यही नहीं, युवा पीढ़ी तो मनोरंजन के लिए भी तकनीक का खूब उपयोग करती है। इस तकनीक के उपयोग के लिए बाजार में अनेक उपकरण उपलब्ध हैं। इनमें कम्प्यूटर, लैपटाप, नोटबुक, मोबाइल फोन, आईफोन आदि हैं। उपकरणों में एक उपकरण ऐसा भी है, जिसका उपयोग उन कामों के लिए आसानी से किया जा सकता है जो कम्प्यूटर या लैपटॉप के जरिए होते हैं। इस उपकरण का नाम है “टेबलेट कम्प्यूटर”।

इन दिनों “टेबलेट कम्प्यूटर” तकनीक प्रेमियों की खासी पसंद बना हुआ है। आखिर क्या है “टेबलेट कम्प्यूटर” और क्यों यह तकनीक प्रेमियों और युवाओं की पसंद बना हुआ है, आइए बताते हैं आपको।

क्या है “टेबलेट कम्प्यूटर”

“टेबलेट कम्प्यूटर”, मोबाइल से थोड़ा बड़ा और लैपटाप एवं नोटबुक से छोटा होता है। इसकी सहायता से वह सब काम आसानी से हो जाते हैं, जो एक कम्प्यूटर या लैपटॉप के जरिए होते हैं। इसलिए यह ऐसे लोगों की खास पसंद है, जिनके काम बिना कम्प्यूटर या लैपटॉप की सहायता के नहीं होते। आकार में छोटा होने के कारण इसे कहीं भी आसानी ले जाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल दैनिक कार्ययोजना, ईमेल करने, फिल्में देखने, टीवी देखने, संगीत सुनने या अखबार, पुस्तकें आदि पढ़ने के लिए आसानी से होता है। यह ऐसे लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है, जिनका अधिकतर समय यात्रा में व्यतीत होता है तथा उन्हें ईमेल देखना तथा भेजना अनिवार्य है। क्योंकि जरूरी नहीं कि यात्रा के दौरान आपको कम्प्यूटर आसानी से उपलब्ध हो जाए। और स्थिति ऐसी न हो कि आप लैपटॉप या नोटबुक अपने साथ ले जा सकें। युवाओं के लिए तो यह मनोरंजन के अच्छे साधन भी बन गए हैं। वे इस पर इंटरनेट के जरिए दोस्तों से बातचीत करते हैं, नए-नए वीडियो गेम खेलते हैं तथा संगीत सुनने का आनंद भी उठाते हैं। दिल्ली में मेट्रो ट्रेनों के अंदर कालेज छात्र तथा बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में काम करने वाले युवा आपको इसके जरिए गेम खेलते या गाने सुनते हुए दिख ही जाएंगे।

बाजार में उपलब्ध “टेबलेट कम्प्यूटर”

वैसे तो बाजार में महंगे से महंगे और सस्ते से सस्ते “टेबलेट कम्प्यूटर” उपलब्ध हैं। इनमें एपल के आइपैड को बहुत पसंद किया जा रहा है। अब तक बाजार में इसके अनेक मॉडल आ चुके हैं। एपल के आइपैड-2 की लंबाई 9.5 इंच, चौड़ाई 7.3 इंच तथा मोटाई 0.34 इंच है। इसकी मुख्य तकनीकी विशेषता है एक मेगाहट्र्ज के डुअल कोर प्रोसेसर पर आईओएस 3.4 के साथ उपलब्ध होना। इसकी गति तेज है तथा इसमें कैमरा भी लगा हुआ है। एपल का यह मॉडल युवाओं को बेहद पसंद है। इसकी कीमत मैमोरी की क्षमता के हिसाब से 30 हजार से लेकर 47 हजार तक है। सैमसंग, डेल, एचपी आदि कम्पनियों के “टेबलेट कम्प्यूटरों” की भी बाजार में खूब मांग है। कीमत के मामले में यह कम्पनियां भी कम नहीं हैं। इनके “टेबलेट कम्प्यूटरों” की कीमत भी 20 हजार रुपए से कम नहीं है। इसके अलावा और भी अनेक देशी-विदेशी कम्पनियां धीरे-धीरे बाजार में “टेबलेट कम्प्यूटर” उतार रही हैं।

स्वदेशी “आकाश”

इस समय हम आपको ऐसे “टेबलेट कम्प्यूटर” के बारे में बताने जा रहे हैं, जो भारत में बना है तथा इसे अब तक का सबसे सस्ता “टेबलेट कम्प्यूटर” कहा जा रहा है। यह है डेटाविंड कम्पनी द्वारा बनाया गया “आकाश”। “आकाश” में ढेरों ऐसे फीचर्स हैं, जो इसकी खूबियों को दर्शाते हैं। इस 7 इंच के टचस्क्रीन टैबलेट में एंड्रॉयड 2.2 (फ्रायो) ओएस सपोर्ट है। इसमें 256 एमबी की रैम है और इसका वजन 350 ग्राम है। यह 366 मेगाहट्र्ज माइक्रोप्रोसेसर पर चलेगा और इसमें 2100 एमएएच बैटरी है। हालांकि यह सिर्फ वाई फाई पर चलेगा। परन्तु यदि आपने अभी तक इसे मंगाने के लिए आवेदन नहीं किया है तो अब यह आपकों नहीं मिलेगा। क्योंकि कम्पनी ने अपनी वेबसाइट www.akashtablet.com के जरिए 30 हजार टेबलेट कम्प्यूटर 2500 रुपए में बेचने शुरू किए थे। बेचने की घोषणा के एक-दो दिन में ही यह सारे “टेबलेट कम्प्यूटर” बिक गए। परन्तु डेटाविंड ने “आकाश” के जनवरी में आने वाले एडवांस मॉडल “यूबीस्लेट” की बुकिंग शुरू की हुई है। इस एडवांस मॉडल की कीमत करीब 3000 रुपए होगी। भुगतान “आकाश” प्राप्त करने के बाद ही करना होगा। इसमें एंड्रॉयड 2.3, कार्टेक्स ए8 788 मेगाहट्र्ज प्रोसेसर, 3200 एमएएच की बैटरी और जी.पी.आर.एस. कनेक्टिविटी मिलेगी। वेबसाइट के अनुसार इसका इस्तेमाल फोन के रूप में भी किया जा सकेगा। यह मॉडल 2500 रुपए वाले मॉडल से बेहतर होगा। डेटाविंड का यही वह मॉडल है जो स्कूल-कालेजों के छात्रों को आर्थिक सहायता के साथ कम कीमत पर दिया जाएगा। परन्तु इसे छात्रों तक पहुंचने में अभी समय लगेगा।

जयश्री सर्जिडेंट के युवा निदेशक श्री अजय शर्मा ने “आकाश” के बारे में बताते हुए कहा कि मेरे पास एपल का आइपैड-2 पहले से ही, पर फिर भी मैंने “आकाश” के लिए आवेदन किया है, क्योंकि इतनी कम कीमत में “टेबलेट कम्प्यूटर” मिलना बहुत ही मुश्किल है। खरीदना तो मैं 2500 रुपए वाला मॉडल चाहता था, परन्तु उसकी बिक्री बंद हो चुकी थी, फिर मैंने 3000 रुपए वाले मॉडल को खरीदने के आवेदन कर दिया, हालांकि यह जनवरी में मिलेगा, फिर भी यह फायदे का सौदा है। उन्होंने कहा कि “टेबलेट कम्प्यूटर” के जरिए हम कम समय में ईमेल देख सकते हैं तथा भेज सकते हैं। जरूरी दस्तावेजों को भी इसमें आसानी से रखा सकता है। उन्होंने कहा कि क्योंकि मेरा आफिस में बैठना बहुत कम होता है, अधिकतर बाहर ही रहता हूं इसलिए मेरे लिए तो यह बहुत ही उपयोगी है।  

“आकाश” की कीमत इतनी कम है कि इसकी किसी कीमती “टेबलेट कम्प्यूटर” से तुलना करना उचित नहीं होगा। परन्तु इस कीमत में यह बेहतरीन “टेबलेट कम्प्यूटर” है, क्योंकि इतनी कीमत में तो कोई अच्छा मोबाइल फोन भी नहीं आता। करीब 6 हजार रुपए कीमत में रिलाइंस इंडस्ट्री भी टेबलेट कम्प्यूटर लाने की तैयारी कर रही है, पर इसे आने में अभी समय लग सकता है। द

 

“नन्हीं किलकारी” का आयोजन

विद्या भारती से संबंद्ध संस्था हिन्दू शिक्षा समिति द्वारा दिल्ली में संचालित गीता बाल भारती विद्यालय में गत 19 दिसम्बर को “नन्ही किलकारी” नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तथा विधायक डा. हर्षवद्र्धन उपस्थित थे।

कार्यक्रम में नौ माह से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों ने भाग लिया। डेढ़ वर्ष तक के बच्चों का बेबी शो बहुत ही आकर्षक था और 2-6 वर्ष तक के नन्हे-मुन्नों ने रंग भरो प्रतियोगिता, आकर्षक परिधान प्रतियोगिता तथा मनोरंजक खेलों में भाग लिया। आकर्षक परिधान  प्रतियोगिता में बच्चे तरह-2 का रूप धारण करके आए थे। सभी प्रतियोगिताओं में लगभग 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा. हर्षवर्धन ने कहा कि माताएं यहां से बच्चों की देखभाल एवं विकास के लिए नया संकल्प लेकर जाएं, ताकि बच्चा देश व समाज के लिए समर्पित नागरिक बन सके। द प्रतिनिधि

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