उत्तर प्रदेश पाञ्चजन्य महाकुंभ-2025 मंथन : पर्यावरण और नेत्र स्वास्थ्य के लिए अनोखे प्रयास- गोपाल आर्य और प्रवीण रेड्डी के विचार
भारत “प्रकृति भी प्रगति भी”: सागर मंथन 3.0 में पर्यावरण संरक्षण पर हुई चर्चा, गोपाल आर्या ने बताया आगामी संकट का समाधान