जम्मू (हि.स.) । केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भारत में पहली बार भारतीय ज्ञान परंपरा ओलंपियाड का आयोजन कर रहा है। यह ओलंपियाड भारतीय संस्कृति, परंपरा, दर्शन और अध्यात्म को छात्रों, युवाओं और आमजन के बीच लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने इस ओलंपियाड का शुभारंभ किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने और इसे आधुनिक शिक्षा प्रणाली में प्रासंगिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों के बौद्धिक विकास को बढ़ावा देगी बल्कि उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का कार्य भी करेगी।
ओलंपियाड के अध्यक्ष प्रो. मदनमोहन झा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के तहत वेद, उपनिषद, रामायण, गीता, महाभारत, ऋषि परंपरा, भारतीय दर्शन-चिंतन, योग, आयुर्वेद, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, भारतीय गणित, अध्यात्म और आधुनिक विज्ञान जैसे विषयों को समाहित करते हुए एक व्यापक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। प्रतियोगिता में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के साथ-साथ व्याख्यात्मक उत्तरों को भी शामिल किया जाएगा।
इस ओलंपियाड में देशभर के विद्यालयों, गुरुकुलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र भाग ले सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया 1 अप्रैल 2025 से शुरू हो रही है।
ओलंपियाड में सफल प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणपत्र, पदक और नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा विजेता छात्रों को भारतीय दर्शन और संस्कृति से जुड़े विशेष शैक्षिक कार्यक्रमों और कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा।
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