देहरादून । धामी सरकार की अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान का उत्तराखंड वक्फ बोर्ड और उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने समर्थन किया। दोनों बोर्ड के अध्यक्षों का कहना है कि सरकार जो कार्रवाई कर रही है वो अपंजीकृत मदरसों के खिलाफ है जो कि बड़ी तादाद में देवभूमि में खुल गए है।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा है कि उत्तराखंड में मदरसों में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शिक्षा देने की जरूरत है और जो पंजीकृत मदरसे है उनमें ये व्यवस्था लागू की गई है जिनमें बच्चों को कंप्यूटर, विज्ञान, गणित, हिंदी और अन्य विषयों के साथ साथ धार्मिक शिक्षा भी दी जाती है, पंजीकृत मदरसों में राष्ट्रीय पाठ्यक्रम लागू होने से मुस्लिम बच्चे आधुनिक शिक्षा के जरिए देश के राज्य के बेहतर नागरिक बनेंगे।
उन्होंने कहा धामी सरकार जो अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान चला रही है वो ठीक है उन्होंने कहा कि जनता से चंदा लेकर इन मदरसे चलाने वालों से हिसाब किताब लेना जरूरी है, उन्होंने कहा कि चंदा जनता से लिया जा रहा है और उसका उपयोग कोई निजी मामलों में करे वो गलत है और जनता से चंदा लेकर बनाया गई संपति किसी की व्यक्तिगत नहीं होगी उन्हें वक्फ बोर्ड में पंजीकृत करना चाहिए।
शादाब शम्स ने कहा अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई इस लिए भी जरूरी है कि कहीं तो इनपर अंकुश लगाना होगा, गली मोहल्ले में एक एक कमरों में मदरसे खोल दिए है इनका कोई पंजीकरण नहीं है इन्हें सरकार यदि किसी नियम कानून से बांध रही है तो गलत नहीं है।
शादाब शम्स ने कहा धामी सरकार ने एक भी पंजीकृत मदरसे के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। जामिया उलेमा ए हिंद के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ये मुद्दा लेकर जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर किसी को जाने का अधिकार है लेकिन कोर्ट भी तो सही को साइबर गलत को गलत ही कहेगा।
उधर उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना शमून कासमी ने भी सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अपंजीकृत मदरसे किसी भी शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है न उनका मदरसा बोर्ड में पंजीकरण है ये अवैध मदरसे बंद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बंद किए गए मदरसे यदि मदरसा शिक्षा बोर्ड के नॉर्म्स को पूरा करते है तो उन्हें बोर्ड तुरंत मान्यता देने को तैयार है। श्री कासमी ने कहा कि हमारे बोर्ड ने हाल ही में 50 से अधिक ऐसे मदरसों को मान्यता दी है और नवीनकरण भी किया है।
उन्होंने कहा कि धामी सरकार मुस्लिम बच्चों का बेहतर भविष्य चाहती है इसलिए अवैध या अपंजीकृत मदरसों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है जिसका उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समर्थन करता है।
बाल सुधार संरक्षण आयोग किनाध्यक्ष डा गीता खन्ना ने सरकार द्वारा अवैध मदरसों के ऊपर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई के बाद कहा है कि जिला प्रशासन को यहां पढ़ने वाले बच्चों को सरकारी पाठशाला अथवा पंजीकृत मदरसों में भेजने का प्रबंध सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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