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1947 से अब तक सम्भल में कुल 209 हिंदुओं की जान जा चुकी है। लेकिन आज जो लोग सम्भल के लिए हल्ला कर रहे हैं, उन्होंने कभी इन हिंदुओं के बारे में एक शब्द नहीं कहा।
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अगर मुस्लिम जुलूस हिंदू क्षेत्रों में मंदिर के सामने से गुजर सकता है, तो हिंदू शोभायात्रा मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं गुजर सकती?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने भाषणों के लिए सबसे अधिक चर्चित रहते हैं। एक ऐसा ही भाषण उन्होंने 16 दिसंबर को उत्तर प्रदेश विधानसभा में दिया। उन्होंने सम्भल में हुए दंगों के बारे में कहा, ‘‘छह दशक से सत्ता में रहे विपक्षी दलों ने सम्भल में हिंदुओं के विरुद्ध हुई हिंसा पर आंखें मूंद ली हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सांप्रदायिक हिंसा के इतिहास के साथ ही सम्भल में 1947, 1948 और 1978 में भयानक दंगे हुए।
1978 के दंगों में 184 हिंदुओं को जिंदा जला दिया गया। 1980-1982 में और भी दंगे हुए, 1990-1992 में पांच लोग मारे गए।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘1947 से अब तक सम्भल में कुल 209 हिंदुओं की जान जा चुकी है। लेकिन आज जो लोग सम्भल के लिए हल्ला कर रहे हैं, उन्होंने कभी इन हिंदुओं के बारे में एक शब्द नहीं कहा।’’
24 नवंबर को सम्भल में हुई हिंसा पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘शहर में तुर्कों और पठानों के बीच ऐतिहासिक विभाजन था।’’ उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व लोकसभा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के संबंध में कहा, ‘‘वे अपने को भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि बाबर का वंशज कहते थे। आप आक्रमणकारियों की विरासत को कायम रखेंगे या राम, कृष्ण और बुद्ध की परंपराओं को?’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत में केवल राम, कृष्ण और बुद्ध की परंपरा ही रहेगी, बाबर और औरंगजेब की नहीं।’’
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आगे कहा, ‘‘यदि मुहर्रम या अन्य मजहबी जुलूस हिंदू क्षेत्रों से गुजरते हैं तो शांति बनी रहती है, लेकिन जब हिंदुओं की कोई शोभायात्रा मुस्लिम इलाकों से निकलती है, तब कुछ लोगों को परेशानी क्यों होती है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुस्लिम जुलूस हिंदू क्षेत्रों में मंदिर के सामने से गुजर सकता है, तो हिंदू शोभायात्रा मुस्लिम इलाकों से क्यों नहीं गुजर सकती?’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सम्भल में शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।’’
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एन.सी.आर.बी.) के आंकड़ों का हवाला देते हुए योगी आदित्य ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों की घटनाओं में 97 प्रतिशत से 99 प्रतिशत की कमी देखी गई है। 2017 के बाद से राज्य में कोई दंगा नहीं हुआ है, जबकि 2012 से 2017 के बीच की अवधि में 815 सांप्रदायिक दंगे हुए और 192 लोग मारे गए।’’
इससे पहले 15 दिसंबर को मुंबई में विश्व हिंदू आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘‘आपने देखा होगा कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का निर्माण करने वाले श्रमिकों का सम्मान कर रहे थे, उन पर फूल बरसा रहे थे, इससे पहले की स्थिति थी कि ताजमहल का निर्माण करने वाले श्रमिकों के हाथ काट दिए गए थे।’’
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