बहुआयामी वीर सावरकर : ‘भारतीय संवत्सर’ के स्वप्नद्रष्टा
एक भाषा, एक लिपि, एक सेना और एक विधान के साथ-साथ एक राष्ट्रीय पंचांग का होना भी सावरकर को आवश्यक लगता था। लंदन में सावरकर स्वतंत्र भारत के संदर्भ में अनेक विषयों पर चर्चा-विमर्श करते थे। स्टुटगार्ट में मैडम कामा द्वारा फहराया गया पहला तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज भी सावरकर की प्रेरणा का परिणाम था। इसी … Continue reading बहुआयामी वीर सावरकर : ‘भारतीय संवत्सर’ के स्वप्नद्रष्टा
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