ऐसे हुआ था सोमनाथ मन्दिर का विध्वंस

“अपवित्र, अग्निशप्त और क्षत-विक्षत होकर भी वह हमारे अपमान और अकृतज्ञता का प्रतीक बन कर दृढ़ता से खड़ा हुआ था। उषा काल के उन क्षणों में जब मैं उस सभा मण्डप, जो कभी भव्यता और श्रद्धा का केंद्र था, के टूटे-फूटे फर्श पर (जहां चारों ओर खण्डित स्तम्भ और पाषाण खण्ड बिखरे हुए थे) चलने … Continue reading ऐसे हुआ था सोमनाथ मन्दिर का विध्वंस