राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष : जागरण से परिवर्तन

भारत धर्मप्राण देश है। विदेशी और विधर्मियों के हमले से विश्व की अधिकांश सभ्यताएं नष्ट हो गईं, पर हमें धर्म ने बचा लिया। यद्यपि कई जगह थोथे कर्मकांड, छुआछूत और ऊंच-नीच का दुष्परिणाम कन्वर्जन और देश-विभाजन में हुआ। अतः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने धर्म जागरण के व्यावहारिक काम हाथ में लिए। इससे कन्वर्जन की बजाय … Continue reading राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष : जागरण से परिवर्तन