विभाजन-विभीषिका : नेतृत्व का असमंजस और आंसुओं की बाढ़

गांधीजी सांप्रदायिक राजनीति से दूर रहने की बात करते रहे, परंतु उन्होंने खिलाफत आंदोलन, खान अब्दुल गफ्फार खान जैसे मामलों में मुस्लिम नेताओं से वैचारिक समझौते किए। नोआखाली हिंसा (1946) से ग्रस्त इलाकों में वे पैदल गए, किंतु राजनीतिक विकल्प के रूप में विभाजन का कड़ा विरोध नहीं किया। विभाजन की शुरुआत से ही भारतीय … Continue reading विभाजन-विभीषिका : नेतृत्व का असमंजस और आंसुओं की बाढ़