अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में रेडमंड में मनाई जा रही माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की 50वीं सालगिरह का जश्न फिलिस्तीन समर्थक इस्लामवादियों द्वारा पैदा की अड़चनों से फीका पड़ गया। बीच कार्यक्रम में फिलिस्तीन समर्थन मंच पर चढ़ आए और भाषण देने वालों को बोलने नहीं दिया। देखते देखते ऐसा विवाद खड़ा कर दिया गया कि जिसकी दूर दूर तक संभावना नहीं थी। माइक्रोसॉफ्ट के इतिहास और भविष्य को दर्शाने के लिए आयोजित किए गए उस कार्यक्रम में दो कर्मचारियों ने फिलिस्तीन के समर्थन में ऐसा प्रदर्शन किया कि रंग में भंग पड़ गया। प्रदर्शनकारी इस्लामवादी कंपनी द्वारा इस्राएली सेना के साथ एआई तकनीक के अनुबंधों को लेकर विरोध जता रहे थे।
हुआ यूं कि कल जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो उसके बीच माइक्रोसॉफ्ट के एआई सीईओ मुस्तफा सुलेमान ने कंपनी के एआई सहायक ‘कोपायलट’ के उत्पाद अपडेट और आगे की नीतियों और दृष्टिकोण पर एक प्रस्तुति दी। इसी बीच, माइक्रोसॉफ्ट की एक कर्मचारी इब्तिहाल अबूसाद मंच पर चढ़ गई और सुलेमान के भाषण में बाधा डालने लगी। उसने आरोप लगाया कि माइक्रोसॉफ्ट इस्राएल की सेना को एआई हथियार बेचती है, जिनसे हजारों लोग मारे गए हैं। उसने कहा कि सुलेमान और कंपनी के “हाथ खून से सने हैं”। इसी महिला ने मंच पर फिलिस्तीन समर्थन का प्रतीक केफियेह भी उछाला।

इसके बाद, एक अन्य कर्मचारी वानिया अग्रवाल भी चलते कार्यक्रम के बीच विरोध प्रदर्शन करने लगी। इस दौरान माइक्रोसॉफ्ट के तीन प्रमुख कर्णधार बिल गेट्स, स्टीव बाल्मर और सत्या नडेला भी मौजूद थे। 2014 के बाद ऐसा पहली बार हुआ था जब ये तीनों एक साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए थे।
कर्मचारियों के इस विरोध का मुख्य कारण माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई द्वारा विकसित एआई मॉडलों का इस्राएली सेना द्वारा बमबारी के निशानों की पहचान के लिए उपयोग था। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में एक इस्राएली हवाई हमले में गलती से एक नागरिक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन बच्चों के साथ उनकी दादी की मौत हो गई थी। इस घटना ने माइक्रोसॉफ्ट के अनुबंधों पर सवाल खड़े किए थे।
इस कार्यक्रम में दिए विरोध के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने एक बयान जारी करके कहा कि कंपनी तमाम तरह के स्वरों को सुनने के लिए कई माध्यम प्रदान करती है, लेकिन वे कारोबार में बाधा डालने वाले प्रदर्शनों को स्वीकार नहीं करती। प्रदर्शन के बाद, दोनों कर्मचारियों के ‘कार्य खाते’ बंद कर दिए गए, जिससे यह संकेत गया है कि उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है।
कुछ जानकारों का कहना है कि यह घटना तकनीकी उद्योग में नैतिकता और जिम्मेदारी के मुद्दों को भी उजागर करती है। माइक्रोसॉफ्ट जैसे बड़े संगठनों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने अनुबंधों और प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रभावों पर विचार करें। इस विरोध ने न केवल माइक्रोसॉफ्ट के भीतर बल्कि व्यापक तकनीकी समुदाय में भी एक बहस छेड़ दी है।
कुल मिलाकर फिलिस्तीन की वजह से उपजा यह विवाद माइक्रोसॉफ्ट की 50 वर्ष की उपलब्धियों के जश्न को एक गंभीर बहस में बदल गया है। विशेष रूप से आईटी और एआई से जुड़े इंजिनियरों और शोधकर्ताओं में इस बात को लेकर बहस जारी है कि एआई और नैतिकता के बीच कुछ संबंध है कि नहीं और अगर है तो कंपनियां इस ओर कितना ध्यान देती हैं।
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