दुराचार के केस में ताउम्र कैद की सजा पाने वाले पास्टर बजिंदर सिंह की ईलाज करने की पद्धति नौटंकी पर आधारित रही है। सीधे-साधे व अनपढ़ किस्म के लोगों को वह अपने पाखण्ड से फंसाता रहा है। जिसके वीडियो बनवाकर वह उसे चमत्कार के रूप में प्रचारित करता था। उसने अपना पूरा साम्राज्य इसी के बलबूते खड़ा किया हुआ था। जो अब उसके कर्मों की सजा के बाद ढह रहा है।
एक सभा में वह एक मरीज से पूछता है क्या तुम्हें लगता है कि तुम यहां ठीक हो जाओगे? क्या तुम्हें लगता है? बजिंदर व्हीलचेयर पर बैठे एक व्यक्ति की रोती हुई पत्नी से पूछते हैं। हाँ, मुझे लगता है, वह रोते हुए कहती हैं। फिर बजिंदर वहां मौजूद दर्शकों की ओर मुड़ता है। हर कोई अपने हाथ ऊपर उठाए और पवित्र आत्मा को काम करने दे, वह आग्रह करते हैं और भीड़ उनकी बात मान जाती है। उस व्यक्ति पर फिर से ध्यान केंद्रित करते हुए, बजिंदर चिल्लाता है, यीशु, उसे छू लो! वह व्यक्ति जोर से चिल्लाने लगता है।
उठो! बजिंदर आदेश देता है। अचानक एक क्षण में, वह व्यक्ति खड़ा हो जाता है और भीड़ खुशी से जय-जयकार करने लगती है। उसी समय, मंच पर मौजूद बैंड और गायक एक भक्ति गीत शुरू करते हैं। कथित उपचार इतना विश्वसनीय था कि रोगी तेज संगीत के साथ भांगड़ा-शैली के कुछ कदमों में पास्टर बजिंदर सिंह के साथ शामिल हो जाता है और मंच से नीचे की ओर दौड़ता है। पंजाब के जालंधर के गांव ताजपुर स्थित द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम के पास्टर प्रोफिट बजिंदर की रविवार को होने वाली सभा का नजारा अलग सा ही होता था।
एक कार्यक्रम में नाबालिग लडक़े के साथ पास्टर बजिंदर का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसने विवाद को जन्म दिया और ऑनलाइन मीम फेस्ट को बढ़ावा दिया। वीडियो में लडक़ा रोता हुआ दिखाई देता है जब पादरी पूछता है कि क्या उसकी बहन पहले बोल सकती थी, लडक़ा नकारात्मक जवाब देता है। फिर पादरी पूछता है कि क्या वह अब बोल सकती है, लडक़ा हां में जवाब देता है, बैकग्राउंड में मेरा यशु यशु गाना बजता है। पादरी बजिंदर, जो यीशु के प्रत्यक्ष संदेशवाहक होने का दावा करता रहा है, ने हाल ही में एक उपचार कार्यक्रम में एड्स के लिए एक इलाज प्रस्तुत कर पूरे विश्व में चिकित्सा जगत में शोर मचा दिया।
कई बीमारियों के लिए अपने चमत्कारी समाधानों के लिए जाने जाने वाला पादरी बजिंदर ने एचआईवी को लक्षित किया, जिसका उद्देश्य वायरस से पीडि़त पति-पत्नी की जोड़ी को ठीक करना था। उनके सिर थपथपाने, उनके गालों को रगडऩे और हेलेलुयाह का जाप करने के माध्यम से, उसने जोड़े को ठीक होने की घोषणा की।
मूक बधिर, एड्स व व्हीलचेयर पर आने वालों के ठीक होने के वीडियो वायरल होते रहे लेकिन एक कार्यक्रम में अपने भविष्यसूचक उपचार के प्रदर्शन किया, जहां उसने जन्म से अंधी एक छोटी लडक़ी के लिए प्रार्थना की, और दावा किया कि वह उसकी दृष्टि बहाल कर सकता है। पास्टर बजिंदर ने घोषणा की कि प्रभु ने बच्ची को आशीर्वाद दिया है, उसे दृष्टि प्रदान की है, भीड़ में खुशी की लहर दौड़ गई। लडक़ी के माता-पिता ने आंसू बहाते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। बजिंदर को अपने भविष्य का पता नहीं चला कि आगे उसको जेल में जाना पड़ेगा।
बजिंदर के मारपीट के वीडियो वायरल हुए, लडक़ी से छेड़छाड़ व दुष्कर्म तक के मामले दर्ज हुए। हत्या के मामले में जेल की हवा खा चुके बजिंदर ने लोगों के इलाज का शोर मचाकर चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम का लंबा चौड़ा साम्राज्य खड़ा कर रखा था। पंजाब में छह बड़ी मिनिस्ट्री हैं जो आजाद चर्च चलाते हैं, जिसमें जालंधर में अंकुर नरूला, खोजोवाल में रंजीत सिंह, रोपड़ व अमृतसर की प्रमुख हैं। लगभग हर चर्च एक जैसे काम करती है।
टिप्पणियाँ