योगी आदित्यनाथ मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर बरेली पहुंचे। सीएम योगी ने यहां 933 करोड़ रुपये की 132 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। साथ ही उन्होंने अत्याधुनिक जीवन रक्षक सुविधाओं से लैस 2,554 नई एंबुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की। साथ ही ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा ने गोवंश को लावारिस छोड़ दिया था। उनके मुखिया कहते हैं कि गोबर से दुर्गंध आती है। ये उनकी असलियत है। वे गौ माता को कसाइयों के हवाले करते थे। हमने कसाइयों को जहन्नुम भेजा, तो सपा को परेशानी हुई। गो-तस्करों के साथ और कसाईयों के साथ जिनके संबंध थे, वे गोमाता की सेवा क्या जानें, उनको गोमाता के गोबर में तो दुर्गंध ही नजर आएगी। उन्हें अपने कृत्यों में दुर्गंध नजर नहीं आती है। गो और गंगा भारत की परंपरा का हिस्सा हैं। नमामि गंगे परियोजना से गंगा निर्मल हुई, जिसके चलते प्रयागराज में भव्य कुंभ का आयोजन हुआ।
सीएम योगी ने कहा, “पहले बरेली को गंदी सिटी कहा जाता था, लेकिन अब यह स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। 2017 से पहले बरेली में 5-7 दंगे आम बात थी, लेकिन पिछले 8 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ। अब बरेली में दंगा नहीं, चंगा है। उन्होंने दंगाइयों को चेतावनी देते हुए कहा कि दंगा करने की हिम्मत करने वालों की संपत्ति जब्त कर गरीबों में बांट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है। मैं बरेलीवासियों और पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों से आह्वान करता हूं कि इस अभियान से जुड़ें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। अगर कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रहता है, तो यह समाज और राष्ट्र के लिए चुनौती बन जाता है। बरेली में अटल आवासीय विद्यालय का शुभारंभ होने जा रहा है, जो श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा का केंद्र बनेगा। इसी तर्ज पर बेसिक शिक्षा परिषद ने भी हर जनपद में मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय को प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 57 जनपदों में जहां पर अटल आवासीय विद्यालय नहीं खोले गए हैं, वहां पर यह मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय प्रारंभ होने जा रहे हैं। पहले चरण में जनपद स्तर पर दूसरे चरण में तहसील स्तर, तीसरे चरण में विकासखंड स्तर पर और चौथे चरण में न्याय पंचायत स्तर पर विद्यालय खोलेंगे। नर्सरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा बच्चों को एक ही कैंपस में मिल सके खेलकूद की व्यवस्था हो स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्था हो, पूरे शिक्षक हों, शिक्षकों के लिए आवासीय व्यवस्था हो इस कार्यक्रम को लेकर हम इस अभियान को लेकर बढ़ने जा रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि बरेली, बदायूं और पीलीभीत जैसे जनपदों में मलेरिया और डेंगू को रोकने के लिए जलजमाव को खत्म करने, छिड़काव और लार्वा को नष्ट करने के उपाय किए जा रहे हैं। आशा वर्कर और एएनएम घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 2,554 नई अत्याधुनिक एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। 2017 से पहले 108 एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 17-19 मिनट था, जो अब 7 मिनट तक आ गया है। इन नई एंबुलेंस से रिस्पांस टाइम और कम होगा।
उन्होंने कहा कि 1947 से 2017 तक केवल 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन पिछले 8 साल में 44 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बने हैं। अब प्रदेश में 80 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें 36 से ज्यादा निजी क्षेत्र में हैं। हर जिले में डायलिसिस, सीटी स्कैन और टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी करने वाला राज्य बन गया है, जिसके तहत 10 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में 7,700 से अधिक निराश्रित गोआश्रय स्थल खोले गए हैं, जहां 14 लाख गोवंश की देखभाल सरकार कर रही है। शेष गोवंश को अन्नदाता किसानों को सौंपा गया है। हर गोवंश के लिए किसानों को 1500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। चार गोवंश रखने वाले किसान को 6000 रुपये मासिक अनुदान मिलता है। इससे गोमाता की सेवा का पुण्य भी मिलता है और आर्थिक लाभ भी।
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