अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनने को लेकर अपनी इच्छा जाहिर कर दी है। उन्होंने संकेत दे दिया है कि वो इसके लिए देश का संविधान भी बदलने के लिए तैयार हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि इसके लिए मेरे अपने तरीके हैं और मैं बिल्कुल भी मजाक नहीं कर रहा हूं।
रिपोर्ट के अनुसार, एनबीसी को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने तीसरी बार देश का राष्ट्रपति बनने की अपनी मंशा जाहिर की। उन्होंने बताया कि ऐसे कई तरीके हैं, जिससे आप तीसरी बार भी अमेरिका का राष्ट्रपति बन सकते हैं। इससे पहले वह 2017 से 2021 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। इसके बाद जो बाइडेन राष्ट्रपति बने और अब एक बार फिर से ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए हैं। वो तीसरी बार भी राष्ट्रपति बनना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा कानूनों के रहते वो ऐसा नहीं कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए संविधान संशोधन ही एकमात्र रास्ता है।
क्या कहता है अमेरिकी कानून
अमेरिकी कानून के अनुसार, देश में कोई भी राजनेता या वयक्ति केवल दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है। अमेरिका में 1951 में 22वां संविधान संशोधन किया गया था। जिसमें ये प्रावधान किया गया था कि कोई भी व्यक्ति केवल दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है।
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क्या ट्रंप कर चुके हैं संविधान संशोधन की कोशिश
डोनाल्ड ट्रंप का एजेंडा स्पष्ट है। वह इसके लिए कोशिशें भी कर चुके हैं, जो 2 माह पहले ट्रंप को तीसरी बार राष्ट्रपति बनाने के लिए अमेरिकी संसद के निचले सदन में रिपब्लिकन सांसद एडी ओगल्स ने एक बिल पेश किया था। इसमें तर्क ये दिया गया था कि संविधान के अनुसार, दो बार लगातार राष्ट्रपति रह चुका व्यक्ति तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता, लेकिन एक बार जो बाइडेन से हार चुके ट्रंप तीसरी बार चुनाव लड़ने के योग्य हैं।
संभव है संविधान संशोधन
मौजूदा ट्रंप सरकार के संख्याबल की बात करें तो ट्रंप की पार्टी के पास 100 में से 52 सीनेटर हैं। वहीं हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में 435 में से 220 सदस्य ही हैं। जबकि संविधान संशोधन के लिए अमेरिकी संसद में एक तिहाई बहुमत ही आवश्कता है। ऐसे में ट्रंप का संख्या बल काफी कम है। हालांकि, अगर देश के 50 में से 38 राज्य इसके लिए तैयार होते हैं तो ये संभव हो सकता है।
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