नई दिल्ली, (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार वर्तमान सत्र में ही वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वक्फ विधेयक को संविधान की भावना के अनुरूप लेकर आई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने आज एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक ‘रेट्रोस्पेक्टिव’ नहीं है। इसमें किसी भी पहले से तय वक्फ संपत्ति को लेकर कोई प्रावधान नहीं है बल्कि नए विधेयक में केवल विवादित विषयों पर ही कोर्ट को विचार का अधिकार होगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की 123 प्राइम लोकेशन को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति घोषित कर दिया। प्रयागराज का ऐतिहासिक चंद्रशेखर आजाद पार्क, जहां वीर आजाद ने अपने प्राण न्योछावर किए, उसे भी वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिया गया।
अमित शाह ने कहा कि 2013 में कांग्रेस पार्टी ने संसद के अंतिम सत्र में बिना किसी लंबी बहस के वक्फ विधेयक को पारित कर दिया। इस विधेयक को पारित कर पार्टी ने अपनी तुष्टिकरण की नीति को आगे बढ़ाने और वोट बैंक तैयार करने के लिए ढेर सारे प्रावधान किए हैं। यह कानून संविधान से मेल नहीं खाता।
अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में बोलने का अवसर नहीं दिये जाने के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि संसद में होने वाली चर्चाओं में उनकी पार्टी को समय दिया जाता है। बजट पर कांग्रेस को 45 प्रतिशत समय दिया गया। यह उन्हें तय करना है कि किसे बोलना है। हम इसे रोक नहीं सकते लेकिन वह इस दौरान वियतनाम में थे।
बिहार के विषय पर अमित शाह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इस बार पहले से ज्यादा सीटों के साथ बिहार में पूर्ण बहुमत से एनडीए की सरकार बनेगी।
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