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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आसमान में खगोलीय चमत्कार ! एक साथ दिखेंगे सात ग्रह– जानिए कब और कैसे देखें..?

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 के अवसर पर 28 फरवरी की शाम ग्रहों की दुर्लभ परेड होगी! शुक्र, मंगल, बृहस्पति समेत सौरमंडल के सात ग्रह एक साथ नजर आएंगे। जानिए कब, कहां और कैसे देख सकते हैं इस Rare Astronomical Event को!

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WEB DESK

भोपाल (हि.स.) । खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए शुक्रवार, 28 फरवरी का दिन बेहद खास होने जा रहा है। इस दिन शाम को आसमान में सौरमंडल के सातों को ग्रहों को देखने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि शुक्रवार, 28 फरवरी को राष्‍ट्रीय विज्ञान भी है और खगोलविज्ञान की दृष्टि से इस दिन आकाश में सात ग्रहों की उपस्‍थति बेहद खास है। सोशल मीडिया पर इस खगोलीय घटना को ग्रहों की परेड का नाम दिया गया है।

यह जानकारी गुरुवार को नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सूर्यास्‍त के समय जब पश्चिम में सूर्य अस्‍त होता दिखेगा, तब उसके साथ शनि (सेटर्न), बुध (मरकरी) और नेप्‍च्‍यून भी रहेगा। इनके कुछ ऊपर तेज चमक के साथ शुक्र(वीनस) होगा। आकाश में सिर के लगभग ऊपर सौरमंडल का सबसे बड़ा बृहस्‍पति (जुपिटर) और यूरेनस मौजूद रहेगा। जुपिटर के पूर्व में लाल ग्रह मंगल (मार्स) होगा। इस तरह आकाश में पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ने पर मंगल, बृहस्‍पति, यूरेनस, शुक्र, बुध, शनि और नेप्‍चयून मौजूद रहेंगे।

सारिका ने बताया कि हालांकि इन सात ग्रहों में से आप अपनी खाली आंखों से सिर्फ मंगल, बृहस्‍पति और चमकते शुक्र को देख पाएंगे, क्योंकि बुध और शनि सूर्य की लालिमा में रहने के कारण आसानी से नहीं दिखेंगे। नेप्‍च्‍यून और यूरेनस को सिर्फ शक्तिशाली टेलिस्‍कोप से ही देखा जा सकेगा। इस तरह आपको सिर्फ तीन ग्रह ही आसानी से दिख पाएंगे।उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में यह ग्रहों की कतार के रूप में बताया जाता है तो लगता है कि किसी रेलगाड़ी के डिब्‍बों की तरह सात ग्रह एक साथ एकत्र हो रहे होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। ये ग्रह पूरे आकाश में पूर्व से पश्चिम की ओर बिखरे होंगे और इनमें से सिर्फ तीन ही आपको आसानी से दिखेंगे।

इसके अलावा ये तीन ग्रह आसमान में अचानक ही नहीं दिखने लगे। ये पिछले एक माह से इस प्रकार दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह घटना बहुत दुर्लभ नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया में इसे दुर्लभ घटना बताकर कौतूहल पैदा किया जा रहा है। यह घटना हर कुछ साल के अंतर पर होती रहती है, लेकिन इस बार शाम के आकाश में होने के कारण राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस पर आप इसका आनंद अवश्‍य लें।

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