उत्तर प्रदेश

हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी कमर उज जमा को उम्रकैद, कानपुर में गणेश उत्सव के दौरान बड़ा धमाका करने की रची थी साजिश

आतंकवादी घटनाओं में शामिल कमर उज जामा उर्फ ​​हुरैरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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सुनील राय

विशेष न्यायाधीश (एनआईए) ने आतंकवादी घटनाओं में शामिल कमर उज जामा उर्फ ​​हुरैरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कमर उज जमा ने गणेश उत्सव के दौरान वर्ष 2018 में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन ने कानपुर के सिद्धिविनायक मंदिर में बड़ा धमाका करने का षड्यंत्र रचा था। इस आतंकी संगठन का आतंकवादी कमर उज जमा उर्फ डॉ हुरैरा उर्फ़ करीम इस अनहोनी को अंजाम देने के लिए एक हफ्ते तक कानपुर जनपद के कलेक्टरगंज इलाके में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर की रेकी कर रहा था। दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान विस्फोट करके बड़े पैमाने पर जनहानि की घटना को अंजाम देने की साजिश रची गयी थी। मगर आतंकवादियों के इरादों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम ने नाकाम कर दिया था।

आतंकवादी कमर उज जमा गत दो माह तक कानपुर के चकेरी थाना अंतर्गत शिवनगर मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। आस-पास के लोगों को उसने बताया था कि वह निजी संचार कंपनी का कर्मचारी है। कमर उज जमा ने सिद्धिविनायक मंदिर के आस-पास के इलाकों का विधिवत अध्ययन कर लिया था। उसके मोबाइल में 5 मिनट का वीडियो मिला था। इस वीडियो को उसने हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन के मुख्यालय को भेजा था। कमर उज जमा ने पुलिस को बताया था कि यह वीडियो उसने रेकी के दौरान बनाया था।

तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ओ. पी. सिंह ने बताया था कि “कमर उज जमा ने स्वीकारा था कि वह हिजबुल मुजाहिदीन का सक्रीय आतंकी है। उसको कानपुर में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए भेजा गया था। सबूत ना बचे इसके लिए वह लगातार अपने मोबाइल को फार्मेट कर रहा था। हाल-फिलहाल की सभी व्हाट्स ऐप चैट को भी उसने डिलीट कर दिया था। उसके मोबाइल फोन की संपर्क सूची में केवल दो लोगों के नाम और नंबर मिले।”

उन्होंने बताया था कि आतंकी कमर उज जमा कम्पूटर और तकनीक का अच्छा जानकार है। यह मूल रूप से असम के जमुनामुख , होजाई का रहने वाला है। इसने सोशल मीडिया पर अप्रैल 2018 में स्व चालित हथियार AK-47 के साथ अपनी तस्वीर अपलोड किया था। तभी से एंटी टेररिस्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की टीम इस पर नजर बनाये हुए थी। पुलिस की सक्रियता से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया था।

पुलिस महानिरीक्षक (आतंकवाद निरोधी दस्ता) असीम अरुण ने बताया कि जब कमर उज जामा आतंकवादी समूह में शामिल हुआ तो उसकी मां शाहिरा खातून से संपर्क किया गया और उन्होंने कहा कि “कमर उज जामा को गोली मार दी जानी चाहिए और उसके शव को जानवरों को खिला दिया जाना चाहिए।”

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