आकर्ण धनुरासन
शरीर को फिट और स्वस्थ रखना सबसे महत्वपूर्ण है। फिट और स्वस्थ शरीर के बिना आप कोई भी कार्य सही ढंग से नहीं कर सकते। बीमारियों और अस्वस्थता के कारण आप सामान्य दैनिक गतिविधियों को भी करने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे समस्याएं और बढ़ जाती हैं। इसलिए, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पेट का स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है। पेट को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देने के साथ-साथ योग का अभ्यास भी जरूरी है। इस आसन में शरीर धनुष की मुद्रा में होता है, जिससे यह नाम पड़ा है। आइए जानते हैं कि आकर्ण धनुरासन के क्या-क्या स्वास्थ्य लाभ हैं-
इस आसन को नियमित रूप से करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। खासतौर से पैरों, जांघों, कूल्हों और पेट की मांसपेशियों को यह आसन सुदृढ़ करता है।
आकर्ण धनुरासन करने से शरीर में रक्त परिसंचरण बेहतर होता है। यह हृदय को स्वस्थ रखता है और ब्लड सर्कुलेशन को सुचारु बनाता है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचती है।
यह आसन पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करता है, जिससे पीठ दर्द की समस्या में राहत मिलती है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिन्हें बैठने का काम अधिक करना पड़ता है या जो लंबे समय तक एक जगह बैठे रहते हैं।
आकर्ण धनुरासन का अभ्यास कमर और कूल्हों को लचीला बनाता है। यह आसन हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाकर शरीर की गतिशीलता को बढ़ाता है।
आकर्ण धनुरासन के दौरान पेट पर अच्छा दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता है। यह आसन कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है और पेट को स्वस्थ रखता है।
इस आसन को करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह आसन तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में मदद करता है। यह ध्यान और संतुलन को बढ़ाने में भी सहायक है।
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