विश्व

WHO ने Mpox को फिर से वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया, कांगों में हालात सबसे बुरे

Published by
Kuldeep singh

Mpox वायरस का कहर एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हालात को देखते हुए इसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप वर्गीकृत किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में मामलों में वृद्धि के बाद ये फैसला किया है। बीते तीन वर्षों में यह दूसरी बार है, जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी को वैश्विक आपातकाल घोषित किया है।

इसे भी पढ़ें: ‘मेरी भी छोटी पोती और बेटी है’ – डॉक्टर की रेप-हत्या के खिलाफ TMC सांसद का अपनी ही पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले जुलाई 2022 में एमपॉक्स को वैश्विक महामारी घोषित किया गया था। उस दौरान उस प्रकोप ने 116 देशों में करीब 100,000 लोगों खास तौर पर मुख्य रूप से समलैंगिक और उभयलिंगी पुरुषों को प्रभावित किया था। इसमें 200 लोगों की मौत हो गई थी।

इसे भी पढ़ें: बांग्लादेश सांप्रदायिक हिंसा:अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले,कट्टरपंथियों ने आध्यात्मिक रूप से अस्थिर करने का प्रयास किया

कांगो में हालात बुरे

WHO का कहना है कि इस वर्ष एमपॉक्स के मामलों में तेजी से बढ़त देखी गई है। अकेले कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में 14,000 से ज्यादा लोग इस घातक वायरस संक्रमित पाए गए हैं। इसमें से 524 लोगों की मौत हो गई है। खास बात ये है कि सबसे अधिक जोखिम 15 साल से कम उम्र की महिलाएं और बच्चों के लिए है।

इसे भी पढ़ें: शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के खिलाफ ICT में मुकदमा दर्ज

इसी सप्ताह की शुरुआत में अफ्रीका के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ने वायरल संक्रमण के तेजी से फैलने का हवाला देते हुए एमपॉक्स को आपातकाल घोषित किया गया है। इस साल अफ्रीका में 17,000 से ज्यादा संदिग्ध एमपॉक्स मामले और 500 से लोगों की मौत हुई है। ये पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में मामलों में 160 फीसदी की वृद्धि को दिखाता है।

इसे भी पढ़ें: US: Ram Mandir को लेकर मन में जमी नफरत उगली अमेरिकी भारतीय Muslims ने, India Day Parade पर उठाए सवाल

Share
Leave a Comment

Recent News