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तजाकिस्तान और पाकिस्तान : 2 इस्लामिक देश, एक आगे बढ़ता और दूसरा कट्टरता की आग में जलता, क्या कहते हैं एक्स मुस्लिम

मुस्लिम आबादी वाले देश तजाकिस्तान ने हिजाब पर पांबदी लगा दी है। पिछले महीने ही संसद के निचले सदन से प्रस्ताव पास हुआ था। 19 जून को ऊपरी सदन (मजलिसी मिली) ने भी इसे मंजूरी दे दी।

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आदित्य भारद्वाज

हाल ही की दो खबरें हैं। नब्बे प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले देश तजाकिस्तान ने हिजाब पर पांबदी लगा दी है। पिछले महीने ही संसद के निचले सदन से प्रस्ताव पास हुआ था। 19 जून को ऊपरी सदन (मजलिसी मिली) ने भी इसे मंजूरी दे दी। एक और खबर है 20 जून की । पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में कुरान का अपमान करने के आरोप में सियालकोट के मोहम्मद इस्माइल को जिहादी भीड़ ने जिंदा जला डाला।

एक तरफ पुरानी रवायतों को तोड़कर आगे बढ़ते एक ऐसे देश की तस्वीर है इस्लामिक पाबंदियों को तोड़कर अपने देश को आगे बढ़ाना चाहता है, वहीं एक ऐसा देश जहां महंगाई और बेरोजगारी ने देश की कमर तोड़ रखी है। देश दिवालिया होने के कगार पर है वहां मजहबी नारे लगाने वाली भीड़ लोगों को जिंदा जला देती है। बता दें कि यह पाकिस्तान में कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। आखिर कोई भी समूह इतना पाश्चिक व्यवहार कैसे कर सकता है, कैसे वह किसी को जिंदा जला सकता है।

उत्तर प्रदेश के रहने वाले ईमरोज एक लेखक हैं। वह मुस्लिम परिवार में पैदा हुए, लेकिन 2018 में उन्होंने इस्लाम छोड़ दिया। वह कहते हैं इस्लाम में कई फिरके हैं। इनमें सबसे कट्टर फिरका है बरेलवी, यहां पर यदि आपने मोहम्मद को मोहम्मद साहिब नहीं बोला तो गुस्ताखी माना जाता है। कुरान की सुरे अंबिया 21 की 98वीं आयत लेकर वह कहते हैं कि कुरान की इस आयत में लिख है ‘निश्चय ही तुम और वह जिनको तुम अल्लाह को छोड़कर इबादत करते हो सब जहन्नुम की आग के ईंधन हों। इस बात का क्या अर्थ हुआ।

अब यदि इस तरह की शिक्षा दी जाएगी कि तो फिर ऐसा होना तो लाजमी ही है। वह कहते हैं कि इस तरह की तालीम देकर और उदाहरण देकर लोगों को कट्टर बना दिया जाता है, वह इससे ज्यादा कुछ सोच नहीं पाते और ऐसी घटनाएं होती हैं। केरल के रहने वाले डॉ. आरिफ हुसैन थेरुवथ कहते हैं कि हम जिस समाज में रहते हैं वहां के कुछ कानून व कायदें हैं। सभ्य समाज उन सभी कायदों को मानता है और उन्हीं के अनुसार चलता है, लेकिन इस्लाम में ऐसा नहीं है, यहां शरिया को पहले तरजीह दी जाती है, जिस जगह  जिस देश में आप रहते हैं वहां के कानून को नहीं। मेरे जैसे किसी व्यक्ति से बात करते हैं जो जाहिर है जो नियम—कायदे कानून देश के हैं उसके अनुसार आचरण करने की बात कहेगा, लेकिन जो भी मजहबी कायदों को तरजीह देगा वह पहले शरिया की बात करेगा।

पाकिस्तान में कुरान के अपमान पर हुई हत्याएं: कुछ प्रमुख घटनाएं

1. पाकिस्तान, जून 2024: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में, एक व्यक्ति को कथित तौर पर कुरान का अपमान करने के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर जिंदा जला दिया।
2. पाकिस्तान, मई 2024: पंजाब प्रांत में, एक महिला को ईशनिंदा के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
3. पाकिस्तान, अप्रैल 2024: सिंध प्रांत में, एक व्यक्ति को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।
4. श्रीलंका, 2021: पाकिस्तान में काम करने वाले एक श्रीलंकाई व्यक्ति को कथित तौर पर कुरान जलाने के आरोप में सहकर्मियों ने पीट-पीटकर मार डाला।
5. पाकिस्तान, मार्च 2021: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में, एक व्यक्ति को ईशनिंदा के आरोप में पुलिस हिरासत में मार दिया गया।
6. पाकिस्तान, दिसंबर 2020: पंजाब प्रांत में, एक व्यक्ति को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। 

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