जहां विज्ञान की सीमा खत्म होती है, वहीं से अध्यात्म की सीमा शुरू होती है, सिलक्यारा टनल मिशन पर बोले दानिश कनेरिया

देवभूमि उत्तराखंड सुरंग हादसे में बचाव अभियान के दौरान में विज्ञान और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला

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Sudhir Kumar Pandey

उत्तरकाशी में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को 17 दिन की अथक मेहनत के बाद सकुशल बचा लिया गया। इस दौरान देवभूमि में विज्ञान और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विज्ञान ने जहां राह बनाई वहीं अध्यात्म और आस्था ने संजीवनी प्रदान की। भारत के इस मिशन की चहुंओर सराहना हो रही है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने जहां भारत को सैल्यूट किया है, वहीं पाकिस्तान के क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस अभियान में लगे सभी लोगों को बधाई दी।

दानिश कनेरिया ने ट्वीट किया कि जहाँ विज्ञान की सीमाएँ ख़त्म होती है, वहीं से आस्था और अध्यात्म की सीमाएँ शुरू होती हैं। विज्ञान वहाँ तक नही पहुँच पाया, जहां तक हमारे पूर्वज केवल ध्यान में चले जाते थे। टनल में फँसे सभी लोगो के सुरक्षित बाहर आने पर ख़ुशी हुई। इस बचाव अभियान में लगे सभी लोगो को बधाई।

वहीं, सुरंग में फंसे श्रमिकों का ईश्वर पर अटल विश्वास तो था ही बचाव अभियान दल ने भी रोज देव आराधना के बाद ही रेस्क्यू की शुरुआत की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तो अभियान के बाद भी बौखनाग देवता का आभार प्रकट किया। इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स भी सुरंग के पास बौखनाग मंदिर में सिर झुकाया।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा- अद्भुत उपलब्धि

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने भारत को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया कि भारतीय अधिकारियों की एक अद्भुत उपलब्धि। गर्व है कि ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स ने मैदान पर भूमिका निभाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मानवता और टीम वर्क की अद्भुत मिसाल

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि  उत्तरकाशी में हमारे श्रमिक भाइयों के रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता हर किसी को भावुक कर देने वाली है। टनल में जो साथी फंसे हुए थे, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि आपका साहस और धैर्य हर किसी को प्रेरित कर रहा है। मैं आप सभी की कुशलता और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। यह अत्यंत संतोष की बात है कि लंबे इंतजार के बाद अब हमारे ये साथी अपने प्रियजनों से मिलेंगे। इन सभी के परिजनों ने भी इस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है। मैं इस बचाव अभियान से जुड़े सभी लोगों के जज्बे को भी सलाम करता हूं। उनकी बहादुरी और संकल्प-शक्ति ने हमारे श्रमिक भाइयों को नया जीवन दिया है। इस मिशन में शामिल हर किसी ने मानवता और टीम वर्क की एक अद्भुत मिसाल कायम की है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में इनकी रही भूमिका

रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, आरवीएनएल, एसजेवीएनएल, ओएनजीसी, आईटीबीपी, एनएचएआईडीसीएल, टीएचडीसी, उत्तराखंड राज्य शासन, जिला प्रशासन, भारतीय थल सेना, वायुसेना समेत तमाम संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।

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