1957 में राजा महमूदाबाद ने छोड़ी थी भारत की नागरिकता, हजारों करोड़ की शत्रु संपत्ति पर था मालिकाना हक

राजा महमूदाबाद व उनके परिजनों की ईराक, पाकिस्तान और अन्य देशों में भी संपत्तियां हैं. उत्तराखंड में भी उनकी 396 संपत्तियों का आकलन किया गया है.

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लखनऊ ब्यूरो

लखनऊ। राजा महमूदाबाद मो. अमीर मोहम्मद खान का 80 वर्ष की आयु में इंतकाल हो गया। राजा महमूदाबाद शत्रु सम्पत्ति के विवाद के बाद चर्चा में आये थे. वह महमूदाबाद विधानसभा से वर्ष 1985 में कांग्रेस पार्टी से विधायक भी रहे थे.

राजा महमूदाबाद व उनके परिजनों की ईराक, पाकिस्तान और अन्य देशों में भी संपत्तियां हैं. उत्तराखंड में भी उनकी 396 संपत्तियों का आकलन किया गया है. अक्टूबर 2006 में हुए एक आकलन में यह पाया गया था कि राजा महमूदाबाद की संपत्तियों की कीमत करीब 30 हजार करोड़ रुपये थी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महमूदाबाद बटलर पैलेस, महमूदाबाद मेंशन, हलवासिया मॉर्केट, लारी बिल्डिंग, मलका जमानिया- गोलागंज आदि संपत्तियों पर राजा महमूदाबाद का मालिकाना हक़ दावा था. यह सभी संपत्तियां शत्रु सम्पत्ति हैं.

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद के महमूदाबाद कस्बे के निवासी राजा मोहम्मद आमिर खान भारत के विभाजन के समय ईराक में रह रहे थे. वर्ष 1957 में भारत की नागरिकता छोड़ दी थी. इसके बाद वह पाकिस्तान के नागरिक हो गए थे. भारत के रक्षा नियम अनुसार ऐसी संपत्तियों को भारत सरकार ने अपने संरक्षण में ले लिया. महमूदाबाद किले के एक हिस्से में उनका भी परिवार रहता था. वर्ष 1966 में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर किले को पूर्ण रूप से खोला गया था. राजा महमूदाबाद के भाई को किले का कस्टोडियन बनाया गया था.

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