भारत के पारंपरिक गीत-संगीत के विकास की चिंता की जा रही है। इसके लिए नए संस्थान खोले जा रहे हैं। गुरु-शिष्य परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
केदारनाथ, काशी और उज्जैन में मंदिरों की भव्यता को बढ़ाकर सांस्कृतिक जागरण की पहल की गई है। इन तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई है। इस समय सर्वाधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंच रहे हैं। भारत के पारंपरिक गीत-संगीत के विकास की चिंता की जा रही है। इसके लिए नए संस्थान खोले जा रहे हैं। गुरु-शिष्य परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
नरेंद्र मोदी से एसआईटी ने घंटों पूछताछ की, लेकिन वे हर जगह बेदाग निकले। इसके बावजूद उन्हें अभी तक लपेटने का प्रयास हो रहा है
Leave a Comment