राष्ट्रीय शिक्षा नीति: ‘स्व’ शिक्षा की ओर बढ़ते कदम

भारत को 1947 में स्वतंत्रता भी प्रस्थापित व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए ही प्राप्त हुई थी। किंतु उसका दुष्परिणाम यह हुआ कि व्यवस्था का परिवर्तन नहीं हुआ, व्यवस्था में भी परिवर्तन हुआ। इसलिए उसी विदेशी व्यवस्था के संचालक जब भारतीय हो गए, उसको हमने स्वातंत्र्य मान लिया किंतु ‘स्व’ का तंत्र नहीं आया।   भारत … Continue reading राष्ट्रीय शिक्षा नीति: ‘स्व’ शिक्षा की ओर बढ़ते कदम