बीते शनिवार को सुबह यही कोई 10 बजे का समय हुआ होगा. नई दिल्ली स्थित इंद्रपुरी का नगर निगम प्राथमिक बाल/ बालिका विद्यालय। स्कूल चल रहा है, बच्चे कक्षाओं में हैं. तभी स्कूल के मुख्यद्वार पर भीड़ और हो-हल्ले की आवाजें आती हैं. किसी हुड़दंग की आशंका में पुलिस को फोन करती हैं और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करती हैं. अधिकारियों से चर्चा के बाद छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल की प्रधानाचार्या मुख्य द्वार बंद करने का आदेश देती हैं. स्कूल के मुख्य द्वार के पास आम आदमी पार्टी के छुटभैये नेताओं के साथ भीड़ जुटनी शुरू होती है. कथित मीडियाकर्मी, युट्यूबर इसमें शामिल होते हैं. लगभग 11 बजे दुर्गेश पाठक विद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचते हैं. उनके उतरते ही कुछ युट्यूबर और पत्रकार ‘चरण वंदना’ करते हैं. बस फिर शुरू होता है लाइट, कैमरा और एक्शन. और…स्कूल के गेट के साथ खींचतान और ताक-झांक.
स्कूल के द्वार पर करते हैं उपद्रव
स्थानीय विधायक के आते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता स्कूल के मुख्य द्वार पर उपद्रव मचाना शुरू कर देते हैं. जब तक कि कोई द्वार पर आता, वह अराजकता फैलाते रहते हैं. चूंकि सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल का दरवाजा बंद रहता है. बावजूद इस पहलू को जानकर भी आआपा के कार्यकर्ता गेट को बार-बार धक्का देते हैं और अंदर जाने की जद्दोजहद करते देखे जाते हैं. द्वार पर शोर होता देख प्रधानाध्यापिका आती हैं और उपस्थित लोगों का परिचय और कारण पूछती हैं. उत्तर मिलता है कि हम लोग भाजपा द्वारा चलाये जा रहे नगर निगम के स्कूलों को जांचने आये हैं. प्रधानाध्यापिका कहती हैं कि हमारे पास आपके आने की कोई सूचना नहीं है. अगर हमारे अधिकारी आपको स्वीकृति देते हैं तो निश्चित ही आप स्कूल आईये और जांच करिये. लेकिन उनकी स्वीकृति के बिना आप स्कूल में भीड़ इकट्ठा करके नहीं आ सकते. बच्चे छोटे हैं और भीड़ से घबरा सकते हैं. मैं आपको भीतर आने की अनुमति नहीं दे सकती. लेकिन अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता उपद्रव मचाते रहते हैं. इसी बीच प्रधानाध्यापिका किसी तरह विधायक की अपने अधिकारी से बात भी कराती हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक शिक्षा अधिकारी से ही बहस करने लग जाते हैं और स्कूल में दाखिल होने की रट लगाने लगते. प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि बात यही नहीं रुकी. खीझ खाये विधायक ने शिक्षा अधिकारी को ही भाजपा का एजेंट बता दिया. गौर करने वाली बात यह थी कि यह सब कुछ मीडिया और युट्यूबरों के कैमरों के सामने चल रहा था और ‘नेताजी’ कार्यकर्ताओं के बीच अपनी जय-जयकार करवा कर चेहरा चमका रहे थे.
- दिल्ली सरकार के फर्जी शिक्षा मॉडल की प्रशंसा और निगम के स्कूलों को खराब बताने के लिए जुटाए गए ‘फर्जी अभिभावक’
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नेताजी के गुर्गे ‘व्यवस्था’ करके लाए थे मीडिया. नेताजी के चरणस्पर्श कर रहे थे कथित पत्रकार
पड़ोस के घरों में घुसे, गार्ड के साथ की अभद्रता
जब स्कूल में विधायक सहित हुड़दंगी कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिला तो इनमें से कुछ पड़ोस के निर्माणाधीन घर में बिना मकान मालिक की स्वीकृति से घुसने लगे. गार्ड ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो गुंडई पर आमादा अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ताओं ने लाचार गार्ड से अभद्रता की और उसे धक्का मारकर एक तरफ कर दिया और छत पर जा धमके.यहीं से वह स्कूल का वीडियो बनाने लगे. आनन-फानन में गार्ड ने इसकी खबर घर के मालिक को दी.
शिक्षा की आड़ में शराब के ठेकेदारों की दलाली करने वाले लोग अब लोगों के घर में जबरदस्ती घुसने लगे हैं। महिला ने वीडियो बनाकर जब सवाल जवाब किए तो आम आदमी पार्टी के कथित कार्यकर्ताओं की बोलती बंद हो गई। घटना इंद्रपुरी की है। pic.twitter.com/9sZV9xR6iC
— Hitesh Shankar (@hiteshshankar) September 3, 2022
मकान मालिक जो कि एक महिला थीं, ने आते ही इन्हें खरी-खरी सुनाना शुरू किया. लेकिन आआपा के बेशर्म कार्यकर्ता उनसे भी बहस करने लगे. इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे बिना पूछे घर में घुसे आम आदमी पार्टी के हुड़दंगी सिर झुकाए मकान मालिक के सवालों से कन्नी काट रहे हैं. वीडियो में घर की मालिक जब कहती हैं ,’…कोई जबाव नहीं दे रहा, आप उतरते चले जा रहे हो. ये मेरी जगह है और बिना पूछे आप लोग अंदर घुसे कैसे ? ये गुंडागर्दी नहीं तो क्या है ? …आप लोग चोर ही हो, जो मेरे सवालों के जबाव नहीं दे रहे हो.’ इसके बाद वीडियो में गार्ड बताता है कि मैंने इन लोगों के हाथ तक जोड़े और घर का दरवाजा खोलने से मना कर दिया. पर ये नहीं माने. इन लोगों ने मुझे भद्दी-भद्दी गालियां दीं और धक्का देकर एक तरफ ढकेल दिया और ऊपर चले गए. मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि इस दौरान विधायक का एक अंगरक्षक भी इनके साथ था.
- उक्त स्कूल में जिनके बच्चे पढ़ते ही नहीं आम आदमी पार्टी के ऐसे कार्यकर्ता बने थे ‘अभिभावक’
- कोल्डड्रिंक, समोसे के साथ चल रहा मीडिया को बाइट देने का खेल. स्थानीय निवासियों द्वारा सवाल पूछते ही बिगड़ा मिजाज
फर्जी अभिभावक बनकर बोलते रहे झूठ
झूठ की खेती और सिर्फ प्रचार आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पहचान बनकर रह गयी है. जिस पार्टी की शुरुआत स्वराज से हुई, वह आज शराब पर आकर टिक गई है. शिक्षा की आड़ में शराब के ठेकेदारों की दलाली करने वाले अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए हर प्रपंच रचते देखे जाते हैं. इंद्रपुरी में भी ऐसा ही नजारा दिखाई दिया. स्कूल के द्वार पर जुटे कथित राजनीतिक कार्यकर्ता फर्जी अभिभावक बनकर बाईट दे रहे थे और दावा कर रहे थे कि हमारा बच्चा इसी स्कूल में पढ़ता है. यहां अव्यवस्था है. कुर्सी-मेज नहीं है. ऐसे ही एक अन्य वायरल वीडियो में मीडिया से बात करती हुई एक महिला दिखाई देती हैं. अपना नाम संध्या बताती हैं और दावा करती है कि उसकी बेटी स्कूल में पढ़ती है. फिर आगे कहती हैं कि स्कूल में साफ सफाई नहीं है, शौचालय गंदा रहता है. डेस्क टूटी हुई हैं. एक बार तो मेरा बच्चा गिर ही गया था. और फिर दिल्ली सरकार के स्कूलों के बखान में जुट जाती हैं.
- एक अन्य वीडियो में यही महिला पड़ोस के मकान में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की धींगा मस्ती के बाद कोल्ड ड्रिंक पीते हुए और गुस्साई मकान मालकिन के सामने आम आदमी पार्टी की पैरोकारी करती दिखती हैं.
पड़ताल करने पर पता चलता है कि महिला का नाम सन्ध्या है जो आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता है. और उनकी बेटी इस स्कूल में पढ़ती ही नहीं. यही नहीं सन्ध्या सुबह से ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल के चक्कर काटती देखी गईं. वैसे सन्ध्या यहां अकेली नहीं थीं, कई और कथित राजनीतिक कार्यकर्ता फर्जी अभिभावक बनकर मीडिया को बाईट दे रहे थे और कैमरों के आगे उछल-कूद काट रहे थे. मजेदार बात यह थी कि इस दौरान कथित अभिभावकों को कोल्ड ड्रिंक और चटकारे दार चीजें खिलाकर आवभगत भी की जा रही थी. यानी इससे समझा जा सकता है कि नाटक रचने के लिए पहले से ही ‘कलाकरों’ को तैयार कर लिया गया था. लेकिन हर बार की तरह इस बार भी इनका झूठ पकड़ा गया.
- कथित जांच के नाम पर बिना अनुमति या सूचना के निगम स्कूल पर नेताजी के साथ पहुंचे हुड़दंगी
- स्कूल के आसपास के घरों में धींगामुश्ती से घुसने की कोशिश, गार्ड को एक ओर पकड़कर जबरन छत पर चढ़ गए नेताजी के गुर्गे
- मकान मालकिन द्वारा खरी-खरी सुनाई जाने और वीडियोग्राफी से घबराकर उल्टे पांव भागे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता
असली अभिभावकों ने खोली फर्जियों की पोल
मीडिया के कैमरों के सामने चीख-चीखकर जो यह कह रहे थे कि हम अपने बच्चों को इस निगम के स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते, असल में वह झूठ बोल रहे थे. क्योंकि ना तो वह असली अभिभावक थे और ना ही उनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते थे. हकीकत में वह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता थे, जिनका उद्देश्य भ्रष्टाचार में घिरे अपने नेता की होती फजीहत को शिक्षा की आड़ लेकर दबाना था. स्कूल के बाहर भीड़ और मोहल्ले की खबर फैलने पर किसी अनहोनी की आशंका में वह अभिभावक भी जुटने लगे जिनके बच्चे वास्तव में इस विद्यालय में पढ़ते हैं. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता स्कूल के द्वार पर हो-हल्ला कर रहे थे. इस दौरान वास्तविक अभिभावकों से जब इन लोगों ने उन्हें मीडिया के सामने स्कूल के खिलाफ बोलने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा कि हमें स्कूल में कोई खराबी नहीं दिखती. असली लोगों के सामने दांव उल्टा पड़ता देख नेताजी के साथ आए ‘कलाकार’ खिसकने लगे और कथित मीडिया ने भी सामान समेटना शुरू कर दिया. नाम न बताने के आग्रह के साथ एक अभिभावक ने बड़ा खुलासा किया कि स्कूल में कुछ दिन पहले बच्चों के अभिभावकों से स्कूल और यहां की पढ़ाई को लेकर राय पूछी गयी थी. बड़ी तादाद में अभिभावकों ने यही कहा था कि हम अपने बच्चों को यहीं पढ़ाना चाहते हैं. यानी तस्वीर उस पत्थर से एकदम उलट थी जो आम आदमी पार्टी के नेता स्थापित करना चाहते थे. मौके पर मौजूद सुरेश मौर्य का कहना था- शराब के धंधे वालों को सहूलियत मुहैया कराने वाले केजरीवाल और गली-गली में ठेके खुलवाकर लड़कियों का आना-जाना दूभर कर देने वाले आम आदमी पार्टी के नेता शिक्षा के मंदिरों को कलंकित कर रहे. स्कूलों को राजनीति का अखाड़ा बनाना बहुत बुरी बात है. छोटे बच्चों को अपनी राजनीति का निवाला ना बनाएं. यह हमारी केजरीवाल से अपील है.
-दिल्ली सरकार के फर्जी शिक्षा मॉडल की प्रशंसा और निगम के स्कूलों को खराब बताने के लिए जुटाए गए आम आदमी पार्टी की ओर से 'फर्जी अभिभावक'
-पड़ोस के घरों में घुसे, गार्ड से की अभद्रता
-इंद्रपुरी में निगम के स्कूल में जांच के नाम पर काटा हुड़दंग pic.twitter.com/gP3oQSBOz0
— Ashwani Mishra🇮🇳 (@kashmirashwani) September 4, 2022
स्थानीय लोगों ने सुनाई खरी-खरी
स्कूल जांच के नाम पर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता गुंडई कर ही रहे थे. इस दौरान स्कूल के बारे में कई चीजें झूठ बोल रहे थे. कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका भी. मौके पर मौजूद लोग कहते हैं कि इनके द्वारा कहा जा रहा था कि स्कूल में साँप निकल आए हैं. इस पर एक प्रत्यक्षदर्शी दीपक जो कि इंद्रपुरी के ही रहने वाले हैं, कहते हैं कि एमसीडी के स्कूल में हो सकता है कि पहली बार ही साँप निकला होगा, लेकिन दिल्ली सरकार के पड़ोस के स्कूल में तो आये दिन साँप निकलने की खबर सुनते रहते हैं. क्या आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कभी इसे पता किया ? सांप निकलने की खबर मिली ही थी तो फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम भेजनी चाहिए थी, यह दिल्ली सरकार के अंतर्गत है. मगर राजनीति देखिए, तुरंत स्नेक कैचर या सपेरों को भेजने की बजाय अगले दिन नेताजी चले आ रहे हैं. स्कूल के सामने नौटंकी चल रही है. अपनी उपलब्धियों की बीन बजाई जा रही है ! इस मसले पर मोहल्ले में सब्जी-फल की फेरी लगाने वाले विक्रेता की टिप्पणी दिलचस्प थी- जिस तरीके से स्कूल में सांप या अन्य चीजों के लिए शिक्षकों को जिम्मेदार मान रहे हैं तो फिर दिल्ली में कहीं कोई घटना घटती है तो फिर साँपों का सरगना केजरीवाल ही जिम्मेदार माना जायेगा ? इसी तरीके से वायरल वीडियो में जिस महिला के घर में आआपा के कार्यकर्ता जबरन घुसे थे, जब इनसे घर में बिना पूछे घुसने पर सवाल किया गया तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता कहते हैं कि स्कूल में साँप निकले हैं. फिर महिला का जबाव होता है कि तुम भी तो मेरे घर से निकले हो. इसका क्या करें. तब ये गुंडे बगले झांकने लगते हैं.
बहरहाल, आम आदमी पार्टी की शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति संजीदगी से भला कौन नहीं परिचित है. ‘वर्ल्ड क्लास’ के नाम पर दिल्ली के ‘कट्टर ईमानदार’ मुख्यमंत्री ने जनता को सिर्फ ठगा ही है. यही वजह है केजरीवाल और उनके शिक्षा मंत्री सिसोदिया इन दिनों काफी बेचैन हैं. बेचैनी जायज भी है. क्योंकि एक तरफ जांच एजेंसियां उनकी चेहरे से ‘ईमानदारी’ का नकाब उतारने में लगी हुई हैं तो दूसरी ओर दिल्ली की जनता उनके असली चाल-चरित्र से परिचित हो रही है. स्वराज की आड़ लेकर दिल्ली के लोगों को शराब के नशे में डुबोकर ठेकेदारों की दलाली करने वाले अपने पाप छिपाने के लिए हर दिन नए नए करतब करके जनता को सिर्फ भ्रमित कर रहे हैं.
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