उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले माहौल बनाने की कोशिश की गई कि एक बार बीजेपी एक बार कांग्रेस का परिपाटी फिर से दोहरायी जाने वाली है यानि कांग्रेस सरकार बनने जारही है।लेकिन आज जिस तरह से मतदान हुआ और लोगो का रुझान दिखा वो साफ तौर पर इशारा कर रहा है बीजेपी ही उत्तराखंड में सत्ता में वापसी कर रही है।
कुमाऊं में मतदाताओ से जब बात की गई उनमें से खास तौर पर महिलाओं का कहना था कि उन्होंने मोदी जी को वोट डाला है,कई महिलाओं को तो ये भी नही पता था कि प्रत्याशी कौन है? उन्होंने मोदी के नाम पर कमल का बटन दबाया। ऐसा ही अल्मोड़ा ,पिथौरागढ़ ,हल्द्वानी, कालाढूंगी ,सितारगंज, जागेश्वर आदि विधानसभा सीटों पर रुझान देखने को मिला।
पत्रकार योगेश राणा बताते है कि मैदानी सीटो पर कांग्रेस बीजेपी में कुछ सीटो पर कड़ा मुकाबला हुआ है जैसे किच्छा, लालकुआं, लक्सर, झबरेड़ा,जसपुर, बाजपुर और देहरादून की सहसपुर,चकराता सीटो पर कांटे की टक्कर हुई है लेकिन पहाड़ी इलाको में बीजेपी को मोदी के नाम पर वोट पड़ा है। अल्मोड़ा के पत्रकार कपिल मेहरोत्रा बताते है कि मोदी के नाम पर वोटिंग हुई है,मोदी अल्मोड़ा में जब जनसभा करके गए उसके बाद माहौल एकदम बीजेपी के पक्ष में होगया।
रुदपुर के पत्रकार मोहन राजपूत कहते है कि उधम सिंह नगर में कांग्रेस को तीन सीटे मिल सकती है बाजपुर,जसपुर और किच्छा ,शेष खटीमा नानकमत्ता गदरपुर काशीपुर सितारगंज बीजेपी को मिलरही है,रुदपुर सीट पर बीजेपी को निर्दलीय से मुकाबला करना पड़ा यहां चुनाव रोचक है। पत्रकार अरविंद मलिक कहते है जैसे कि शुरू में माहौल बीजेपी के खिलाफ है ऐसा कहा जारहा था लेकिन आज लोगो ने जमकर बीजेपी को वोट दिया और इसके पीछे वजह और कुछ नही मोदी और योगी आदित्यनाथ नाथ है।
देहरादून के पत्रकार राजेश शर्मा कहते है देहरादून में कांग्रेस और बीजेपी में कड़ा मुकाबला हुआ है,रहा सवाल आम आदमी पार्टी का उसने कांग्रेस को ज्यादा नुकसान पहुंचा दिया और लग रहा है बीजेपी फायदे में रहेगी। पौड़ी में सबसे कमजोर सीट बीजेपी के लिए कोटद्वार और श्रीनगर मानी जारही थी जहां बीजेपी ने योजनाबद्ध तरीके से मोदी के नाम से वोट मांगे जिसका उन्हें लाभ मिलता दिख रहा है।
वहीं आम आदमी पार्टी के कर्नल अजय कोटियाल की सीट भी फंस गई है यहां भी बीजेपी आगे दिखलाई दे रही है, रुद्रप्रयाग केदारनाथ में भी कड़ा मुकाबला हुआ है। माना जारहा है कि उत्तराखंड में बीजेपी 2017 की तरह प्रचंड बहुमत से तो नही अलबत्ता पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
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