चम्पावत जिले में नेपाल सीमा से लगे जंगल में दो प्राचीन मूर्तियां मिली हैं, जिन्हें सैकड़ों साल पुराने होने का दावा किया जा रहा है। एसडीएम के निर्देश पर इन मूर्तियों को फिलहाल ब्यानधुरा मन्दिर में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक नेपाल सीमा से जुड़े देवालय जंगल की श्रृंखला में ब्यानधुरा मंदिर से कुछ कोस की दूरी पर दो प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। इन मूर्तियों को मंदिर के पुजारी पंडित शंकर दत्त जोशी उठाकर मंदिर परिसर ले आये और उन्होंने इसकी सूचना चम्पावत के उप जिलाधिकारी को दे दी है। एसडीएम ने उन मूर्तियों को वहीं मंदिर परिसर में सुरक्षित रखने को कहा है।
इन मूर्तियों को देखने के बाद इतिहासकार डॉ प्रशांत जोशी ने कहा है कि जिस तरह की मूर्तियां हैं ये सैकड़ों साल पुरानी हमारे देवालयों की तरह हैं। इस बारे में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों या विशेषज्ञ ज्यादा विस्तार से बता पाएंगे। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना हमने उन्हें दे दी है। ब्यानधुरा मंदिर के बारे में कहा जाता है कि पांडव अर्जुन अज्ञात्त वास के दौरान अपना गांडीव धनुष यहां छुपाया था। आज भी इस मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा धनुष बाण चढ़ाने आते हैं। हजारों की संख्या में धनुष बाण आज भी मंदिर परिसर में मौजूद हैं।
टिप्पणियाँ