बहुआयामी वीर सावरकर : भाषा शुद्धि का राष्ट्रदर्शन

वीर सावरकर (9) कड़ी लगभग एक सहस्राब्दी तक रहे मुस्लिम शासन और उसके बाद के अंग्रेजी शासन के प्रभाव से भारतीय भाषाएं अनेक विदेशी शब्दों और अभिव्यक्तियों से प्रभावित होकर अपनी मूल प्रकृति से पर्याप्त दूर चली गई थीं। तब अंग्रेजी का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता था, किंतु अरबी, फारसी और तुर्की के शब्द भारतीय … Continue reading बहुआयामी वीर सावरकर : भाषा शुद्धि का राष्ट्रदर्शन