जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर से कैंसर मामले में कंपनी ने किया 5.5 बिलियन डॉलर का सेटलमेंट
July 30, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर से कैंसर मामले में कंपनी ने किया 5.5 बिलियन डॉलर का सेटलमेंट

जॉनसन एंड जॉनसन ने अमेरिका में बेबी पाउडर से जुड़े 76,000 मुकदमों के लिए 5.5 बिलियन डॉलर का सेटलमेंट स्वीकार कर लिया है। जानें एस्बेस्टस का खतरा क्या है और भारत में इसकी स्थिति।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jul 30, 2026, 10:29 am IST
in विश्व
Johnson and johnson Baby powder

प्रतीकात्मक तस्वीर

जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) कंपनी ने अमेरिका में अपने टॉक-बेस्ड बेबी पाउडर से जुड़े हजारों मुकदमों को सुलझाने के लिए करीब 5.5 बिलियन डॉलर (लगभग 46,000 करोड़ रुपये) का प्रस्तावित सेटलमेंट स्वीकार कर लिया है। यह सेटलमेंट करीब 76,000 क्लेम्स को कवर करता है। इसमें दावा किया गया था कि कंपनी का पाउडर ओवेरियन कैंसर का कारण बना। सेटलमेंट को अंतिम रूप देने के लिए कम से कम 95 प्रतिशत क्लेमेंट्स की मंजूरी जरूरी है।

भारत में रहने वाले लोग सोच रहे होंगे कि क्या यह मामला उन पर भी लागू होता है। इसका सीधा जवाब है – नहीं।

क्या है पूरा मामला

2019 में अमेरिका में FDA के लिए काम करने वाली एक लैब ने जॉनसन के बेबी पाउडर की एक बोतल में एस्बेस्टस पाया। यह पहली बार था जब अमेरिकी नियामक संस्था ने इस प्रोडक्ट में एस्बेस्टस की पुष्टि की थी। इसके बाद 33,000 बोतलों को रिकॉल कर लिया गया।

एस्बेस्टस असल में क्या है?

एस्बेस्टस कोई एक खनिज नहीं है। यह छह प्राकृतिक सिलिकेट खनिजों का समूह है जो पतले और मजबूत फाइबर्स में बंट जाते हैं। बीसवीं सदी में यह बहुत इस्तेमाल होता था क्योंकि यह आग नहीं पकड़ता, गर्मी सहन करता है, बिजली नहीं चालता और सस्ता भी है। इसी वजह से इसे छतों, पाइप्स, ब्रेक पैड्स, इंसुलेशन और कभी-कभी टॉक प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया गया। खतरा इन फाइबर्स से है। जब इन्हें सांस के साथ अंदर लिया जाता है तो ये फेफड़ों में गहरे जाकर दशकों तक रह जाते हैं। इससे फेफड़ों में घाव (एस्बेस्टोसिस), मेसोथेलियोमा और फेफड़े का कैंसर हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सभी प्रकार के एस्बेस्टस को इंसानों के लिए कैंसर पैदा करने वाला माना है। एक्सपोजर की कोई सुरक्षित सीमा नहीं बताई गई है। लक्षण दिखने में 15 से 40 साल लग सकते हैं।

बेबी पाउडर और एस्बेस्टस का कनेक्शन

टॉक और एस्बेस्टस दो अलग खनिज हैं। लेकिन जमीन के नीचे ये अक्सर एक साथ पाए जाते हैं। अगर टॉक खोदते समय सावधानी न बरती जाए और टेस्टिंग ठीक से न हो तो एस्बेस्टस मिल सकता है। अमेरिका के मुकदमों का आधार यही है – खनन और स्क्रीनिंग में कमी।

इसे भी पढ़ें: शेख हसीना के बाद भी बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा: 2026 के पहले 6 महीनों में 257 घटनाएं, 44 मौतें

भारत में स्थिति क्या है?

भारत में J&J बेबी पाउडर वाला डर कभी नहीं रहा, लेकिन एस्बेस्टस की समस्या कहीं बड़ी और गहरी है। 1993 में भारत ने एस्बेस्टस की खदान बंद कर दी, लेकिन इसके इस्तेमाल और आयात पर पूरी तरह बैन नहीं लगाया। भारत दुनिया का सबसे बड़ा एस्बेस्टस प्रोडक्ट्स आयातक देश है। इसे सीमेंट पाइप्स, छत की शीट्स और ब्रेक लाइनिंग में खूब इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर आयात रूस और कजाकिस्तान से होता है, जो सफेद एस्बेस्टस (क्रिसोटाइल) होता है।

क्यों जारी है इस्तेमाल?

मुख्य वजह आर्थिक है। एस्बेस्टस वाली सीमेंट छतें सस्ती पड़ती हैं। गांवों में सस्ती आवास योजनाओं में इनका खूब इस्तेमाल होता है। इसके इर्द-गिर्द एक पूरा उद्योग और कामगारों का नेटवर्क भी बन गया है। 2022 में पर्यावरण मंत्रालय ने संसद को बताया कि एस्बेस्टस के इस्तेमाल पर रोक लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, सरकार खुद माइंस एक्ट के तहत एस्बेस्टस से होने वाली बीमारियों को मानती है।

नवंबर 2025 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्कूलों में एस्बेस्टस छतों पर सुनवाई में देशव्यापी बैन लगाने से इनकार कर दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि सामान्य इस्तेमाल में सीधा नुकसान साबित करने वाले पुख्ता सबूत नहीं हैं। हालांकि उसने हैंडलिंग, डिस्पोजल के लिए सेफ्टी प्रोटोकॉल बनाने और स्कूलों को सलाह देने के निर्देश दिए।

Topics: जॉनसन बेबी पाउडर सेटलमेंटजे एंड जे बेबी पाउडर एस्बेस्टसजॉनसन जॉनसन बेबी पाउडर कैंसर का मामलाभारत में एस्बेस्टस खतरा
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

No Content Available
Load More

ताज़ा समाचार

Ayodhya Ram temple

राम मंदिर दान पेटियों से 80 लाख रुपये की चोरी, ट्रस्ट ने FIR से पहले वसूल किए पैसे

Salim Vastik

सलीम वास्तिक हरिद्वार पहुंचे, कांवड़ यात्रा में हवन पर विवाद पर कहा- हिंदू-मुस्लिम हैं भाई, सौहार्द जरूरी

Johnson and johnson Baby powder

जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर से कैंसर मामले में कंपनी ने किया 5.5 बिलियन डॉलर का सेटलमेंट

EPFO

शादी के बाद EPF नॉमिनेशन अपडेट करना क्यों है जरूरी? जानिए पूरा नियम

Salman Rushdi Hadi Matar attacker

सलमान रुश्दी पर हमला: अमेरिकी जूरी ने हादी मातार को आतंकवाद के आरोप में दोषी ठहराया

Iran Protest

क्यों ईरान में मौत की सजा पाए कैदी कर रहे होंठ सिलाकर विरोध?

प्रतीकात्मक तस्वीर

शेख हसीना के बाद भी बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा: 2026 के पहले 6 महीनों में 257 घटनाएं, 44 मौतें

Haridwar Baba Ramdev

‘फिल्मी सितारों को नहीं, माता-पिता, दादा-दादी और महापुरुषों को बनाएं रोल मॉडल’: स्वामी रामदेव

CM Dhami Targets Rahul Gandhi

लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है संसद, राहुल गांधी ने तोड़ी मर्यादाएं: CM धामी

पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानीय लोग

छूटती पकड़, टूटती अकड़

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies