ABVP: छात्रशक्ति से राष्ट्रशक्ति में परिणीति के 78 वर्ष, वैचारिक स्पष्टता-संगठनात्मक अनुशासन है सबसे बड़ी शक्ति

भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा को केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं अपितु चरित्र निर्माण, समाजोत्थान व राष्ट्र चेतना का आधार माना गया है। हमारे ग्रंथों में वर्णित है-विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनमाप्नोति, धनात धर्मम् ततः सुखम्।। इसी महान शिक्षा दृष्टि को आधुनिक भारत के विद्यार्थी जीवन में मूर्त रूप देने का कार्य … Continue reading ABVP: छात्रशक्ति से राष्ट्रशक्ति में परिणीति के 78 वर्ष, वैचारिक स्पष्टता-संगठनात्मक अनुशासन है सबसे बड़ी शक्ति