पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसे शुक्रवार को दफना दिया गया। उसके नमाज-ए-जनाज़ा में कई संदिग्ध और खतरनाक आतंकवादी भी शामिल हुए थे।
जनाजे में संदिग्ध लोगों और हथियारबंद अपराधियों के दावे
हमजा बुरहान के जनाजे में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हुए, जिनका संबंध प्रतिबंधित और संदिग्ध संगठनों से बताया जा रहा है। इनमें हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र संगठन से जुड़े बख्त जमीन खान के मौजूद होने का दावा किया गया है। कुछ सोशल मीडिया वीडियो में यह भी देखा गया कि जनाज़े के दौरान सुरक्षा काफी कड़ी थी और कई लोग हथियारों के साथ मौजूद थे। इनमें AK-47 जैसी राइफलों के दिखने का भी दावा किया गया है, जिससे माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है।
बताया जाता है कि हमजा बुरहान का नाम 14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले से भी जोड़ा जाता है, जिसमें सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान बलिदान हो गए थे। इसके बाद वह पाकिस्तान चला गया था और वहां कथित रूप से एक आतंकी संगठन से जुड़ गया। वर्ष 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया था। बाद के वर्षों में वह पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के मुजफ्फराबाद क्षेत्र में छिपकर रह रहा था और एक शैक्षणिक संस्थान में काम करने की भी बातें सामने आई थीं।
पाकिस्तानी पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसे मुजफ्फराबाद में उस समय गोली मारी गई जब वह एक कॉलेज परिसर से बाहर निकल रहा था। बताया गया कि हमलावरों ने बहुत करीब से उसके सिर पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुरहान को सिर में तीन गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार करने का दावा किया, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलावर को भागते समय पकड़ लिया गया।

















