नई दिल्ली: सरकार ने CBSE की ऑनस्क्रीन मार्किंग (OSM) को पारदर्शी सिस्टम बताया है। CBSE का कहना है कि छात्रों के पास री-वैल्यूएशन का मौका है। इसकी फीस में भी भारी कमी की गई है। दरअसल, इस साल बारहवीं के रिजल्ट में गिरावट के बाद स्टूडेंट्स और शिक्षकों की तरफ से आंसरशीट के सही से जांच न होने की शिकायतें की गई थी। ऑनस्क्रीन मार्किंग पर भी सवाल उठाया था। जिसके बाद सरकार ने साफ कर दिया कि यह सिस्टम पारदर्शी है।
आंसरशीट की स्कैन कॉपी की फीस भी घटाई
आंसरशीट की स्कैन कॉपी लेने की फीस 700 रुपये से घटाकर 100 रुपये प्रति विषय कर दी गई है। री-वैल्यूएशन के लिए अब 500 रुपये के बदले 100 रुपये देने होंगे। किसी विशेष सवाल के दोबारा जांच के लिए हर सवाल की फीस 100 रुपये से घटाकर 25 रुपये कर दी गई है।
नंबर बढ़ने पर वापस होगी फीस
अगर री-वैल्यूएशन कराने वाले विद्यार्थियों के नंबर बढ़ते हैं तो उनकी फीस वापस होगी। 12वीं की फिर से कॉपी चेकिंग की प्रकिया दो चरणों में होगी। पहला आंसर शीट की स्कैन कॉपी लेना और दूसरा वेरिफिकेशन। आंसरशीट की स्कैन कॉपी ऑनलाइन लेने के लिए आवेदन करना होगा।
19 मई से 22 मई तक आंसर शीट के लिए करें अप्लाई
विद्यार्थी 19 मई से 22 मई तक अपनी जांची गई आंसरशीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद विद्यार्थी अपनी कॉपी को फिर से जांच करा सकते हैं। अगर स्कैन आंसरशीट का कोई पेज या प्रश्न नहीं दिखाई दे रहा है तो वेरिफेकनश और री-वैल्यूएशन के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसकी प्रकिया 26 मई से 29 मई तक होगी। अगर जांच के दौरान विद्यार्थियों के नंबर बढ़ते हैं तो अतिरिक्त ली गई फीस वापस कर दी जाएगी।











