भारतीय लोकतंत्र में विपक्ष एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह भूमिका तब और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है जब सत्ता पक्ष के निर्णयों पर सवाल उठाने की आवश्यकता होती है, लेकिन जब यह सवाल तथ्यों से परे आरोपों, अतिशयोक्ति और व्यक्तिगत हमलों में बदलने लगते हैं, तब लोकतांत्रिक विमर्श कमजोर पड़ता … Continue reading कांग्रेस की ‘हिट एंड रन’ राजनीति पर कोर्ट की कड़ी चोट : पवन खेड़ा ही नहीं, राहुल के पदचिह्नों पर चल रहा है पूरा नेतृत्व?
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