पश्चिम बंगाल : अधिकार सबका, विकास कुछ का

पश्चिम बंगाल के समकालीन राजनैतिक विमर्श में ‘अल्पसंख्यक कल्याण’ शब्द मात्र एक प्रशासनिक शब्दावली नहीं, बल्कि एक सुनियोजित चुनावी रणनीति बन चुका है। 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी सरकार ने राज्य के संसाधनों का जिस प्रकार पुनर्विभाजन किया है, वह ‘समावेशी विकास’ के बजाय ‘चुनिंदा तुष्टीकरण’ की ओर अधिक झुका दिखता है। … Continue reading पश्चिम बंगाल : अधिकार सबका, विकास कुछ का