नक्सलवाद : हिंसा पर पूर्णविराम

राजनीतिक इच्छाशक्ति का अप्रतिम उदाहरण है “नक्सलवाद” की विभीषिका का समाप्त कर दिया जाना। आज की स्थिति देखिए कि संगठन के पास कोई महासचिव नहीं, समूचे पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी को लगभग समाप्त किया जा चुका है। भारत में नक्सलवाद का गढ़ कहे जाने वाले बस्तर में आखिरी महत्वपूर्ण और नामचीन माओवादी पापाराव के … Continue reading नक्सलवाद : हिंसा पर पूर्णविराम