‘मिथक’ से सत्य की ओर

सरस्वती नदी का उल्लेख ऋ ग्वेद, महाभारत, रामायण और अन्य पुराणों में प्रमुखता से किया गया है, जिसके तट पर सिंधु-सरस्वती सभ्यता विकसित हुई। सरस्वती के तट पर बसी बस्तियों के भग्नावशेष तक मिल चुके हैं। फिर भी लंबे समय तक वामपंथी और वामपंथी इतिहासकार उसे ‘मिथक’ बताते रहे। यही नहीं, जब सरस्वती नदी की … Continue reading ‘मिथक’ से सत्य की ओर