भारत में सिर्फ भारतीयों को रहने का अधिकार, रोहिंग्या मुसलमान वापस जाएं- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
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भारत में सिर्फ भारतीयों को रहने का अधिकार, रोहिंग्या मुसलमान वापस जाएं- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति कोटेश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि भारत में निवास करने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है।

Written byMahak SinghMahak Singh
May 9, 2025, 12:08 pm IST
inभारत

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस और प्रशांत भूषण की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें दिल्ली से अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर भेजने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है, इसलिए उन्हें शरणार्थी मानते हुए भारत में रहने दिया जाए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति कोटेश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि भारत में निवास करने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को है। विदेशी नागरिकों के साथ भारत में “विदेशी अधिनियम” के तहत ही व्यवहार किया जाएगा।

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 जुलाई तय की है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही असम और जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्या को देश से निकालने के फैसले पर रोक लगाने से मना कर चुका है। केंद्र सरकार ने बताया कि रोहिंग्या की मौजूदगी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता गोंजाल्विस और भूषण ने कहा कि म्यांमार में सेना द्वारा हिंसा के कारण रोहिंग्या लोगों को भागना पड़ा और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHCR) ने उन्हें शरणार्थी का दर्जा दिया है। इसलिए उन्हें भारत में रहने का हक मिलना चाहिए।

लेकिन सरकार ने तर्क दिया कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी सम्मेलन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए भारत पर रोहिंग्या को शरण देने की कोई बाध्यता नहीं है। साथ ही सरकार ने कहा कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उन्हें वापस भेजने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि भले ही रोहिंग्या को जीवन का अधिकार (अनुच्छेद 21) प्राप्त है, लेकिन वे विदेशी हैं और उनके साथ कानून के अनुसार ही व्यवहार होगा। केवल भारतीयों को ही भारत में रहने का अधिकार है।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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