उत्तराखंड ब्यूरो
रेलवे और वन विभाग दोनों ने संयुक्त सर्वे कर यह समाधान निकाला कि जिस समय वन्य जीव खासतौर पर हाथियों का कुनबा पटरी पार करता है, उस समय ट्रैक खाली रखा जाए। अभी प्रयोग के तौर पर समय सारणी में बदलाव किया गया है। ताकि वन्य जीवों को बचाया जा सके।
हल्द्वानी, लालकुआं, काशीपुर, रामनगर के जंगल से होकर गुजरने वाली 20 ट्रेनों के समय में 10 से 25 मिनट का बदलाव किया गया है। जंगल में किस वक्त ज्यादा वन्य जीव पटरी क्रॉस कर रहे है, इस बारे में रेलवे और वन विभाग ने मिलकर एक सर्वे कराया था। इसके बाद ट्रेनों की समय सारणी में बदलाव किया गया।
दरअसल, पिछले महीने ट्रेन से कटकर, लालकुआं और काशीपुर के बीच दो हाथियों की मौत हो गयी थी। जंगल से गुजरने वाली पटरी पर वन्य जीवों की मौत के हादसे पिछले कुछ समय से बढ़ गए थे। वन विभाग वन्य जीवों की ट्रेन से मौत के लिए जिम्मेदार ट्रेन चालक को मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा रहे थे।
इसके बाद रेलवे और वन विभाग दोनों ने संयुक्त सर्वे कर यह समाधान निकाला कि जिस समय वन्य जीव खासतौर पर हाथियों का कुनबा पटरी पार करता है, उस समय ट्रैक खाली रखा जाए। अभी प्रयोग के तौर पर समय सारणी में बदलाव किया गया है। ताकि वन्य जीवों को बचाया जा सके। उत्तराखंड के तराई फारेस्ट और रामनगर फॉरेस्ट डिवीजन में ये प्रयोग कामयाब होता है तो इसे राजा जी टाइगर रिजर्व में भी लागू किया जाएगा।
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