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आखिर, गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक महीने पहले के अपने 'जयपुर वक्तव्य' को वापस ले ही लिया और खेद प्रगट किया। 20 जनवरी को उन्होंने कांग्रेस के चिंतन (या राहुल अभिषेक) शिविर में कहा था कि मुझे जानकारी है कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
| 23/02/2013 |
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11 फरवरी (सोमवार) की प्रात: रोमन कैथोलिक चर्च के 265वें पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने अनायास लैटिन भाषा में यह घोषणा करके कि, 'मैं इस दायित्व से त्यागपत्र दे रहा हूं और 28 फरवरी को मैं पोप पद से निवृत्त हो जाऊंगा', अपने निकट सहयोगियों एवं विश्व भर में फैले क
| 16/02/2013 |
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भारत के धुर दक्षिणी छोर पर कन्याकुमारी के सामने, तीन सागरों के संगम स्थल पर समुद्र के भीतर स्थित एक विशाल शिलाखंड पर नवनिर्मित स्वामी विवेकानंद शिला स्मारक हमारी राष्ट्रीय एकता का एक नवीन तीर्थ बन गया है। इस तीर्थ के निर्माण के पूर्व आदि शंकराचार्य द्वा
| 21/01/2013 |
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बंगलादेशी घुसपैठियों के लिए मुम्बई में अमर जवान ज्योति का अपमान - यह सोच सबसे बड़ी चुनौती
देवेन्द्र स्वरूप
0 एक ओर पाकिस्तान पूरी तरह हिन्दूविहीन हो गया है, बंगलादेश में हिन्दू जनसंख्या नगण्य रह गयी है, दूसरी ओर भारत में मुस्लिम जनसंख्या इस कदर
| 05/11/2012 |
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वर्ग-संघर्ष के द्वारा शोषणविहीन-समतामूलक समाज रचना की विचारधारा के रूप में मार्क्सवाद पूरे विश्व में असफल सिद्ध हो चुका है। अब जो कुछ शेष बचा है वह है विचारधारा के आवरण में सत्ता पर काबिज होने के लिए लालायित कुछ संगठित गिरोह। अब उनके लिए विचारधारा
| 27/10/2012 |
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17 अक्तूबर (बुधवार) की सायंकाल 5 बजे दिल्ली ही नहीं लगभग पूरे देश में लोग खबरिया टेलीविजन चैनलों पर किसी नये धमाके की प्रतीक्षा में बैठ गये। धमाका हुआ भी। 'भ्रष्टाचार विरुद्ध भारत' (इंडिया अगेंस्ट करप्शन) के संयोजक अरविन्द केजरीवाल अपने दायें-बाये
| 22/10/2012 |
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हर हाथ में मोबाइल फोन, हर घर में कम्प्यूटर, टेलीविजन, फ्रिज और गैस का चूल्हा, हर व्यक्ति को शौचालय की सुविधा-यह है आज के विकास का न्यूनतम पैमाना। आधुनिक सभ्यता की इन सब नियामतों का उपयोग बिजली के बिना नहीं हो सकता इसलिए प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिं
| 13/10/2012 |
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विकेन्द्रित खुदरा बाजार ही भारत का रक्षा कवच
देवेन्द्र स्वरूप
सोनिया-मनमोहन सरकार कई वर्षों से खुदरा बाजार में विदेशी पूंजी निवेश के लिए बेचैन थी। अब यह स्पष्ट है कि वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी और तृणमूल नेता ममता बनर्जी के विरोध के कारण वह अपने हाथ बंंधे
| 01/10/2012 |
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एक प्रतिभा-पुञ्ज की राष्ट्र साधना
इस पन्द्रह सितम्बर (भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी) को सुदर्शन जी ने रायपुर के संघ कार्यालय 'जागृति मंडल' में प्राणायाम मुद्रा में अपना शरीर त्याग दिया। अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार वे ब्रह्म मुहूर्त्त में उठकर टह
| 22/09/2012 |
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जिहादी उन्माद का समाधान क्या है?
11 साल पहले 11 सितम्बर, 2001 को अमरीका की धरती पर जो भयंकर जिहादी हमला हुआ था, वह विश्व के इतिहास की एक अविस्मरणीय घटना है। उस हमले में भाग लेने वाले 19 मुस्लिम युवक अमरीका के मुक्त वातावरण में पले-बढ़े थे, अमरीका में ऊंच
| 15/09/2012 |
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...तो गांधी जी
इंटरनेट पर बैठे होते!
देवेन्द्र स्वरूप
'चरखे का संगीत : इंटरनेट युग के लिए महात्मा गांधी का घोषणा पत्र' अनेक दृष्टियों से अनूठी रचना है-साढ़े सात सौ पृष्ठों के विशाल शरीर के कारण ही नहीं तो इसलिए भी कि यह पुस्तक महात्मा गांधी और वर्तमान
| 08/09/2012 |
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क्या भारत का मीडिया और प्रबुद्ध वर्ग स्वाधीन भारत द्वारा अंगीकृत लोकतांत्रिक संविधान में अपनी आस्था खो बैठा है? यदि नहीं, तो क्यों आगामी लोकसभा चुनावों के पूर्व ही भाजपा पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपने प्रधानमंत्रीय उम्मीदवार के नाम की घोषणा अभ
| 01/09/2012 |
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मुम्बई उपद्रव की जड़
भारत में खोजें, पाकिस्तान में नहीं
देवेन्द्र स्वरूप
11 अगस्त को मुम्बई के आजाद मैदान में असम और बर्मा (म्यांमार) के मुसलमानों के प्रति हमदर्दी जताने के लिए रजा अकादमी नामक संस्था, जो कुछ साल पहले भिवंडी में दो पुलिसकर्मियों की हत्या करने के लिए कुख्यात है, को महाराष्ट्र पुलिस ने हिंसक भीड़ जुटाने की अनुमति प्रदान कर दी। पर उस हिंसा के विरोध में 21 अगस्त को राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को शांतिपूर्ण रैली के लिए अनुमति प्रदान नहीं की। गिरगांव से आजाद मैदान तक 4
| 25/08/2012 |
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दूसरे विभाजन के कगार पर देश?
देवेन्द्र स्वरूप
इस 11 अगस्त (शनिवार) को मुम्बई के आजाद मैदान पर मुस्लिमों द्वारा हिंसा का जो दृश्य खड़ा किया गया वह सोचने पर मजबूर करता है कि राजनीतिक सत्ता पाने के लिए देश विभाजन के रूप में जो महंगा मूल्य चुकाया गया,
| 20/08/2012 |
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भौतिक समृद्धि से अधिक यदि 'अर्थ' और 'काम' की शुचिता को भारतीय समाज के उन्नयन का मापदंड माना गया है तो इस कसौटी के किस पायदान पर स्वाधीनता के 65वर्ष बाद हम आज खड़े हैं? यदि मीडिया ही समाज का दर्पण है तो उस दर्पण में हमारा क्या चेहरा दिखाई दे रहा
| 16/08/2012 |
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राजेन्द्र सिंह कुशवाहा
19 अगस्त, 1929-28 जुलाई, 2012
एक समर्पित
इतिहास-साधक का प्रयाण
देवेन्द्र स्वरूप
शनिवार 28 जुलाई की रात्रि 8.30बजे प्रिय मित्र राजेन्द्र चड्ढा का फोन आया कि डा. कुशवाहा नहीं रहे। उसी दिन प्रात:काल राजेन्द्र जी कुशवाहा जी से म
| 06/08/2012 |
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गांधी जी ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?-5
कांग्रेस को अपने
सांचे में नहीं ढाल पाए
देवेन्द्र स्वरूप
जुलाई, 1933 में पूना सम्मेलन में गांधी जी यह देखकर स्तब्ध रह गये कि कांग्रेसजन अब न तो जेल जाने को तैयार हैं और नही रचनात्मक कार्यक्रम में जुटने के लिए। उनके
| 30/07/2012 |
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गांधी जी ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?-4
श्रीनिवास शास्त्री का ऐतिहासिक पत्राचार
देवेन्द्र स्वरूप
अस्पृश्यता उन्मूलन एवं हरिजनोद्धार गांधी जी के लिए जीवन-निष्ठा का विषय थे। वे उसे हिन्दू समाज की आंतरिक सामाजिक समस्या के रूप में देखते थे और अस्पृश्यता
| 21/07/2012 |
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गांधी जी ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?-3
हरिजन आंदोलन से डरी सरकार
देवेन्द्र स्वरूप
अप्रैल, 1947 में गांधी जी ने राजकुमारी अमृत कौर के नाम एक पत्र में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमजे मैकडानल्ड द्वारा 15 वर्ष पहले 17 अगस्त, 1932 को घोषित 'साम्प्रदायिक नि
| 14/07/2012 |
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गांधी जी ने कांग्रेस क्यों छोड़ी-2
हिन्दू समाज को तोड़ने का ब्रिटिश षड्यंत्र
देवेन्द्र स्वरूप
फ्रांस में रोम्यां रोला और रोम में मुसोलिनी से मिलते हुए गांधी जी 29 दिसम्बर, 1931 को भारत वापस लौटे। उन्होंने गोलमेज सम्मेलन के अंत में घोषणा कर दी थी कि अपन
| 07/07/2012 |
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गांधी जी ने
कांग्रेस क्यों छोड़ी?
देवेन्द्र स्वरूप
इतिहास की इससे बड़ी विडम्बना और क्या होगी कि जिन गांधी जी ने अस्पृश्यता निवारण को भारत की धरती पर कदम रखते ही अपना मुख्य कार्यक्रम बनाया, जिसे वे हिन्दू समाज की आंतरिक सामाजिक समस्या के रूप में देखते
| 30/06/2012 |
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हमारे मीडिया की प्राथमिकताएं
देवेन्द्र स्वरूप
क्या हमारा मीडिया सत्ता राजनीति की उठा-पटक और सैक्स-अपराध की कहानियों से ऊपर उठकर दर्शकों की सुप्त आध्यात्मिक चेतना को जगा सकता है? उन्हें सादगी की जीवन शैली के सुख की अनुभूति करवा सकता है?
हमारी दौड़-धूप भ
| 23/06/2012 |
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इसी 4 मई की रात में टी.पी.चन्द्रशेखरन, उत्तरी केरल के कोझीकोड जिले में ओनचियम गांव के अपने घर की ओर मोटर साइकिल पर अकेले जा रहे थे कि कार में सवार कुछ हत्यारों ने उन्हें घेर लिया और उन पर तेज धार वाले हथियारों से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। लहुलूहान चन्द्रशे
| 16/06/2012 |
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आखिर नये केन्द्रीय चुनाव आयुक्त के पद पर केन्द्र सरकार के पूर्व ऊर्जा मंत्री वी.एस.सम्पत के नाम की घोषणा कर दी गयी। प्रधानमंत्री ने उनका नाम भेजा और राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने उस पर स्वीकृति की मुहर लगा दी। वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई.कुरै
| 09/06/2012 |
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मंथन
देवेन्द्र स्वरूप
भाजपा के सामने चुनौतियां
राष्ट्रीय राजनीति के वर्तमान परिदृश्य को देखकर मेरा मन इतना दुखी व चिंतित क्यों है? जहां तक मेरा अपना संबंध है, स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर 1972 तक राजनीति का निकट से गहरा अध्ययन करके मैं इस निष्कर्ष पर पह
| 02/06/2012 |
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